हादसा सोमवार करीब 12:30 बजे हुआ। संपत्ति विभाग में तैनात कर्मचारी धीरज कुमार व दो अन्य लोग लिफ्ट नंबर-3 में ग्राउंड फ्लोर से चौथी मंजिल पर जा रहे थे। तीसरी मंजिल के पास जाकर लिफ्ट अचानक अटक गई और धीरे-धीरे नीचे खिसकने लगी।
उन्होंने शोर मचाया, लेकिन बाहर से मदद नहीं मिली। लिफ्ट खिसककर पहली मंजिल पर पहुंच गई। निगम कर्मचारी धीरज ने बताया कि करीब 5 मिनट तक कोशिश करने के बावजूद लिफ्ट न खुली तो उन्होंने कर्मचारी नेता चौब सिंह और प्रदीप कुमार को फोन किया।
वे तत्काल लिफ्ट की ओर दौड़े और मेंटेनेंस एजेंसी को भी फोन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे एजेंसी के कर्मचारियों ने छठीं मंजिल पर बने कंट्रोल रूम में पहुंचकर लिफ्ट को ऊपर खींचा। फिर पांचवीं मंजिल पर सरियों से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर तीनों को बाहर निकाला गया। उनके चेहरे पर दहशत साफ दिख रही थी।
सोमवार को खराब होती है लिफ्ट : बीते महीने 25 अप्रैल को लिफ्ट नंबर-1 खराब हो गई थी। 9 लोगों से भरी यह लिफ्ट तीसरी मंजिल से सीधे ग्राउंड फ्लोर पर आकर गिरी थी। उस दिन भी सोमवार था। अब दूसरी बार यह घटना भी सोमवार को हुई। निगम कर्मचारियों की मानें तो सोमवार को निगम में आने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। इसकी वजह से लिफ्ट का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है।
मेंटेनेंस फर्म ने की थी सामान बदलवाने की सिफारिश: निगम की दो लिफ्ट का मेंटेनेंस कर रही फर्म ने पुराने हो चुके उपकरणों को बदलवाने की सिफारिश की थी। बावजूद इसके निगम अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे।
निगम मुख्यालय की तीनों लिफ्ट की मेंटेनेंस कराई जाएगी। फर्म ने जो सामान बदलवाने की सिफारिश की है, उसे मंगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त।