गाजियाबाद। महिला पार्षद शीतल चौधरी का दावा फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक खोखला निकला। रिपोर्ट के मुताबिक कार की छत, शीशे व अन्य बॉडी पर विस्फोटक पदार्थ के कण नहीं मिले हैं। इतना ही नहीं 30 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी बाइक सवार अज्ञात आरोपियों के आने और भाग जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस महिला पार्षद से फिर से पूछताछ करेगी। पुलिस टीम अब अन्य कई बिंदुओं पर जांच करेगी।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 29 अक्तूबर को महिला पार्षद शीतल चौधरी ने एनडीआरएफ रोड बाइक सवार दो युवकों पर फायरिंग का आरोप लगाकर मधुबन बापूधाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मौके से फोरेंसिक टीम ने कुछ नमूने लिए और पुलिस ने जांच पड़ताल भी की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और बीटीएस से अनजान लोगों का मोबाइल डाटा का विश्लेषण भी किया गया। दावा किया गया था कि गोली कार के शीशों से टकराकर निकल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि घटनास्थल पर कार के टूटे शीशे कार के अंदर की बजाए बाहर भी पड़े मिले। इसके साथ ही दोनों शीशों में गोली का छेद न होने की बजाए क्षतिग्रस्त मिले। आशंकाओं के चलते कार को फोरेंसिक लैब में भेजा गया। इसकी रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट में कार पर फायरिंग होने की सुबूत नहीं मिले हैं। कार में न विस्फोटक सामग्री के कण नहीं मिले हैं। बताया कि महिला पार्षद से फिर से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाइक सवार दो बदमाशों की पहचान भी अभी नहीं हो पाई है। फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच टीम कई अन्य बिंदुओं पर जांच करेगी। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।