गाजियाबाद। यूपी गेट से डासना तक एनएच-24 के चौड़ीकरण का काम नवंबर में शुरू हो जाएगा। इसके लिए सोमवार को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इस दूरी में एनएच का चौड़ीकरण कर उसे 14 लेन का बनाया जाएगा। इसके बन जाने से गाजियाबाद के लोग दिल्ली का रास्ता मिनटों में तय करेेंगे।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव यादव ने बताया कि सोमवार को टेंडर में चार निर्माणकर्ता कंपनियों ने शिरकत की। अब इन कंपनियों की तकनीकी व वित्तीय क्षमता की समीक्षा की जाएगी। कंपनियां अपना प्रेजेंटेशन देंगी। इसके बाद इनका चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लग जाएगा। नवंबर में कार्य आरंभ हो जाएगा।
याद हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 31 दिसंबर को नोएडा में निजामुद्दीन से हापुड़ बाईपास तक एनएच-24 के चौड़ीकरण की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 30 माह में यह काम पूरा हो जाएगा।
निजामुद्दीन से यूपी गेट और डासना से हापुड़ तक की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य भी चल रहा है लेकिन यूपी गेट से डासना तक की दूरी में निर्माणकर्ता कंपनियों ने रुचि नहीं ली। इसके लिए दो बार टेंडर छोड़े गए, जिसमें एक ही कंपनी आई। सोमवार को टेंडर में चार कंपनियों के आने से चौड़ीकरण के कार्य के शुरू होने का रास्ता खुल गया है।
एनएच को 14 लेन करने में नहीं आएगी दिक्कत
जीडीए के चीफ टाउन प्लानर इश्तियाक अहमद ने बताया कि 14 लेन की एनएच बनाने में दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि मास्टर प्लान 2021 में एनएच की चौड़ाई के लिए सौ मीटर जगह छोड़ी गई है।
उन्होंने बताया कि एक लेन साढे़ तीन मीटर की होती है। इस तरह 14 लेन के लिए 49 मीटर जगह चाहिए। लेन के अलावा सेंट्रल वज, डिवाइडर, फुटपाथ, हरित पट्टी के लिए भी जगह चाहिए, यह चीजें सौ मीटर में समाहित हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि डासना से हापुड़ बाईपास तक एनएच 6 लेन चौड़ी होगी।
ढाई साल बाद दिल्ली और गाजियाबाद में नहीं रहेगी दूरी
अगले साल अप्रैल में निर्माणाधीन राजनगर टू यूपी गेट एलिवेटेड रोड दौड़ने लगेगी। अगले ही साल दिसंबर में दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो चालू हो जाएगी। नोएडा के सेक्टर-62 से प्रस्तावित वसुंधरा-वैशाली होते हुए मोहननगर तक मेट्रो के दौड़ने की उम्मीद है। ढाई साल में ही यूपी गेट से डासना तक एनएच 14 लेन की हो जाएगी। इनके निर्माण से जहां दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी मिनटों में तय होगी, वहीं गाजियाबाद और दिल्ली के लुक में फर्क करना मुश्किल होगा।