साहिबाबाद। टीएचए में पांच से अधिक इलाकों में नगर निगम ने करीब सात लाख रुपये खर्च कर विलुप्त कूड़ा घर बनाए। मगर विलुप्त कूड़ाघर पर मोटी राशि खर्च करने के बावजूद मात्र तीन माह में यहां सबसे अधिक गंदगी के ढेर हैं। इससे आसपास के लोग बदबू, गंदगी और बीमारियों के डर से परेशान हैं।
नगर निगम ने करीब तीन महीने पहले सात लाख रुपये खर्च करके इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, साहिबाबाद में पांच कूड़ा घर को विलुप्त कराया गया। इसके बाद वहां पर राशि खर्च करके सौंदर्यकरण कराया गया। निवासियों को शुरू में स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद लोग ही यहां पर कूड़ा फिर से डालने लगे। हालत यह हो गई कि अब विलुप्त कूड़ा घरों पर सबसे अधिक गंदगी के ढेर लगे हैं। हालांकि निगम की ओर से लोहे की एंगल की दीवार बनाकर कवर किया था कि वहां दोबारा कूड़ा न डाला जाए। उसकी दीवारों पर स्लोगन लिखे गए थे।
इंदिरापुरम स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल और रिहायशी इलाके के पास करीब दो साल से रोजाना कूड़ा डाला जा रहा है। इसकी अभिवावक और आसपास के क्षेत्र के लोग लगातार शिकायत भी कर रहे थे। शिकायत का संज्ञान लेकर ही यह विलुप्त कूड़ा घर बनाया गया था लेकिन इसके बाद भी लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। गंदगी और बदबू से लोग परेशान हैं। निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, वसुंधरा सेक्टर सात और वैशाली सेक्टर चार आर्य मंदिर के पास भी यही स्थिति बनी हुई है। स्थानीय निवासी रातीव का कहना है कि नगर निगम की ओर से यहां कूड़ा डाला जा रहा है। इन कूड़ा घरों की नियमित देखरेख नहीं की जा रही है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश का कहना है कि विलुप्त कूड़ा घर पर मोटी धनराशि खर्च करके उसका सौंदर्यकरण किया गया था। अगर वहां पर कोई कूड़ा डालता है तो जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। वहां पर निगम की गाड़ी से भी कूड़ा हटवाया जाता है।