वीर नगर मोहल्ले में पारिवारिक विवाद में हुई दंपति की मौत के बाद जमा लोग। संवाद
गाजियाबाद। सुबह से जिस घर में बेटे की लंबी उम्र की कामना के लिए भजन-कीर्तन की गूंज थी, उसी घर में रात होते-होते चीख-पुकार मच गई। माता-पिता ने जिस बेटे के माथे पर प्यार से हाथ रखकर उसकी खुशहाली की दुआ मांगी थी, उसी बेटे पर अब उनके कत्ल का आरोप है। भीमनगर कॉलोनी की यह घटना रिश्तों के टूटने की ऐसी कहानी बन गई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
20 जुलाई को गंगाशरण और विमलेश ने बड़े बेटे ललित का जन्मदिन मनाया था। बेटे की जिंदगी खुशियों से भरी रहे, इसके लिए घर में कीर्तन कराया गया। माता-पिता ने हमेशा की तरह बेटे की सलामती और अच्छे भविष्य की कामना की। उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे के लिए वे भगवान से दुआ कर रहे हैं, वही कुछ घंटों बाद उनके जीवन का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा।
परिवार के लोगों के मुताबिक, गंगाशरण और विमलेश अपने दोनों बेटों से बेहद प्यार करते थे। बेटों की गलत आदतों के बावजूद उन्होंने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। हर बार यही उम्मीद रखी कि एक दिन बेटे अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और परिवार फिर से खुशियों से भर जाएगा। शराब की लत और बढ़ते विवादों ने धीरे-धीरे रिश्तों में ऐसी दरार पैदा कर दी, जो आखिरकार इस खौफनाक घटना तक पहुंच गई।
मंगलवार को क्षेत्र में यही चर्चा थी कि जिन बेटों के लिए मां-बाप ने जिंदगी खपा दी, आखिर वही उनकी मौत की वजह कैसे बन गए।
शराब की लत के कारण छोड़कर जा चुकीं पत्नियां
ज्योति के मुताबिक, ललित और दीपक दोनों शादीशुदा हैं, लेकिन शराब की लत व गलत आचरण के कारण उनकी पत्नियां उन्हें छोड़कर जा चुकी हैं। शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था और रिश्तेदारों ने भी आना-जाना कम कर दिया था। ज्योति का यह भी आरोप है कि दोनों भाई अक्सर माता-पिता पर दो मंजिला उनके नाम करने का दबाव बनाते थे।
एक सप्ताह में दूसरी घटना, संपत्ति और शराब बनी रिश्तों की दुश्मन
गाजियाबाद में एक सप्ताह के भीतर रिश्तों के कत्ल की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 16 जुलाई को मोदीनगर के बुदाना गांव में संपत्ति विवाद में बेटे निखिल ने अपने पिता हरिओम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोप था कि करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि वह भी घटना के वक्त शराब के नशे में था। वर्ष 2018 में भी निखिल पर छोटे भाई पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था।