गाजियाबाद। खोया की डलियों में बदबू आ रही थी और मक्खियां भिनक रहीं थीं...यह देख खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वाहन को रुकवा लिया। इसी वाहन में खोया ले जाया जा रहा था। जानकारी करने पर पता चला कि इसकी सप्लाई चौपला मंदिर बाजार में होनी थी। इसी बाजार में खोया की बड़ी दुकानें हैं। टीम ने वाहन में रखा 400 किलो खोया नष्ट करा दिया। इसके सैंपल भी ले लिए।
त्योहारों के इस सीजन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को रोज ही इस तरह कहीं बदबूदार मावा तो कहीं पनीर मिल रहा है। इसे देखने पर ही पता चलता है कि यह मिलावटी और सेहत के लिए खतरनाक है। शनिवार की दोपहर मेरठ से चौपला मंदिर बाजार जा रहे जिस वाहन में खोया की डलियां रखी थीं, उसमें साफ-सफाई भी नहीं थी।
चेकिंग अभियान में शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीरा सिंह ने बताया कि यह खोया सेहत के लिए हानिकारक था। इसकी कीमत लगभग 88,000 रुपये है। इसे नष्ट करा दिया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि और भी जगह जांच की गई।
खोड़ा काॅलोनी से खाने के तेल का नमूना लिया गया। लोहियानगर, पटेलनगर से रिफाइंड सोयाबीन तेल, बादाम, सफेद रसगुल्ले के नमूने लिए गए। ब्रिज विहार से गुलाब जामुन, बर्फी, कलाकंद, बेसन लड्डू और पेड़े के नमूने लिए गए। कुल 32 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। कई जगह देखा गया दुकानदार दिवाली, भैया दूज के लिए अभी से मिठाई बनाकर रख रहे हैं। तीन दिन में 780 किलो पनीर और मिठाई नष्ट कराई गई हैं।
खाने योग्य नहीं थी मिठाई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि मोदीनगर में मिठाई के नमूने लिए गए हैं। इनमें जांच के लिए भेजा गया है। यहां पतीसा नाम की मिठाई नष्ट कराई गई। इसमें बदबू आ रही थी। कई दुकानों पर मिठाई बनाने की जगह पर साफ-सफाई नहीं मिली। ऐसे दुकानदारों को नोटिस दिया गया है।
मिलावट की सूचना दें
यदि किसी व्यक्ति को किसी दुकान पर मिलावटी खाद्य सामग्री मिलती है तो खाद्य सुरक्षा विभाग को 9454468398 पर कॉल करके सूचना या शिकायत की जा सकती है। सूचना मिलने पर विभाग की टीम जाकर नमूने लेगी और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करेगी।
नकली-असली की पहचान
- पनीर का टुकड़ा हाथ से मसल कर देखें अगर टूटकर बिखरे तो मिलावटी है
- पनीर को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। उसपर कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए तो समझ लीजिए यह मिलावटी है।
- नकली पनीर ज्यादा टाइट, रबर की तरह होता है। शुद्ध यानी असली असली खोया से धीमी-धीमी खुश्बू आती है
- शुद्ध मावा थोड़ा घी छोड़ता है। मावे को अपने हाथों पर रगड़ें। अगर घी निकले तो शुद्ध मावा है।
- शुद्ध मावा मुंह में घुल जाता है, चिपकता नहीं है।