हज हाउस पर यूपी सरकार 51 करोड़ रुपया खर्च कर सकती है तो फिर कांवड़ यात्रियों के स्थल बनाने और दशमेश वाटिका पर क्यों नहीं। महापौर अशु वर्मा ने मंगलवार को निगम कार्यालय में एक प्रेसवार्ता के दौरान यह सवाल उठाए।
महापौर ने हज हाउस उद्घाटन से पहले सीएम अखिलेश यादव से हुई वार्ता को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने निगम के 130 करोड़ रुपये का अवस्थापना फंड दिलाने, शहर को 2000 करोड़ का विशेष पैकेज देने की भी मांग उठाई।
महापौर ने कहा कि वह थोड़े दिन मुख्यमंत्री के निर्णय का इंतजार करेंगे। मांग पर कार्रवाई न हुई तो दूसरी रणनीति अमल में लाएंगे। महापौर अशु वर्मा ने कहा कि निगम की जमीनों की सुरक्षा और देखभाल के लिए निगम में तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की नियुक्ति कराने, 10 हजार करोड़ सालाना राजस्व देने वाले शहर को दो हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिए जाने, हिंडन नदी को प्रदूषण मुक्त कराकर रीवर फ्रंट डेवलपमेंट कराए जाने की भी मांग की।
महापौर ने बताया कि बीते सप्ताह हुई भीषण बारिश की वजह से शहर के तालाब जैसे हालात से भी सीएम को अवगत कराया गया। इस जलभराव के लिए जीडीए को भी घेरा और साहिबाबाद क्षेत्र के नाले में पाइप डालकर पाट दिए जाने से हो रही दिक्कतों की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री से उन्होंने वसुंधरा और मोहननगर जोन की टूटी सड़कों के लिए पैकेज मांगा। महापौर का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया है, लेकिन एक महीने में कोई परिणाम न दिखाई दिया तो वह दूसरी रणनीति अमल में लाएंगे।
हालांकि यह रणनीति क्या होगी इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। इस दौरान निगम पार्षद प्रवीण चौधरी, अनिल चौधरी मौजूद रहे।