गाजियाबाद। स्कूल बस संचालन के लिए प्रदेश शासन ने नई नीति बनाई है। नई नीति के तहत सड़काें पर स्कूल बस के लिए अलग से लेन बनेगी। इसके साथ ही ड्राइवर का लाइसेंस कम से कम पांच वर्ष पूर्व बना होना चाहिए। स्कूलों में चल रही वैन को फिलहाल रोक दिया गया है।
शासन की यह सब कवायद एटा में स्कूली बस दुर्घटना के बाद की जा रही है। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद शासन ने स्कूली बस को लेकर नई नीति बनाई है।
इसमें अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह स्कूली बस, मारुति वैन व अन्य वाहनों की फिटनेस समय पर जरूर जांची जाए। सड़कों पर स्कूल बस के लिए अलग लेन बनाई जाए। इस लेन में कोई और वाहन नहीं चले।
एसडीएम की अध्यक्षता में ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों की कमेटी बनाई जाए। यह कमेटी बसों के संचालन पर निगरानी करेगी और जो बसे नियम तोड़ेंगी, उनका परमिट रद्द किया जाएगा।
उन्हाेंने बताया कि नई नीति में यह भी है कि चलते वक्त स्कूल बस के दरवाजे बंद रहें। इसके साथ ही बगैर फिटनेस सड़क पर दौड़ रही बसों पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में लगे छोटे वाहनों को बंद किया जाएगा। स्कूल में लगे वाहनों में पीला रंग किया जाए, जिससे पता रहे कि वाहन में बच्चे हैं।