संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। नगर पालिका परिषद की आवासीय कॉलोनी में सड़क की भूमि पर बने एक अवैध निर्माण को लेकर कई साल से चला आ रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले एक साल से इस निर्माण को धार्मिक रूप देने की कोशिश की जा रही थी। इसी क्रम में कोठरी पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की संपत्ति लिख दिया गया, जिसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद से मिलकर इस अवैध निर्माण को हटाने की मांग की थी। इसके बाद नगर पालिका कार्यालय में उच्चाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर सभी कानूनी व तथ्यात्मक पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि साल 2000 में एक व्यक्ति द्वारा एक कमरे के संबंध में कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया था। बाद में उसे रीस्टोर कर दोबारा प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी दस्तावेज में इस स्थल को वक्फ बोर्ड की संपत्ति या धार्मिक स्थल नहीं बताया गया।
एफआईआर दर्ज, किराया भी लगाया
नगर पालिका के अनुसार इस मामले में दिलशाद पुत्र चांद, निवासी शिवाजी नगर के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि दिलशाद इस कोठरी को चांद मस्जिद नाम देकर अपने पिता के नाम से धार्मिक स्वरूप देना चाह रहा था। नगर पालिका ने इस पर सरकारी भूमि के अवैध उपयोग के लिए किराया भी लगाया है। जिसे अब तक जमा नहीं किया गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने बताया कि नगर पालिका की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया जाएगा।