इंदिरापुरम। इंदिरापुरम में सड़कों पर इन दिनों नाले और सीवर लाइन का निर्माण कार्यों के लिए खोदाई तो कर दी, लेकिन वहां पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग करना भूल गया। ज्यादातर सड़कों के किनारे पर खोदाई करके कई फीट गहरे गड्ढों बने हुए हैं, लेकिन कई माह बाद भी निगम की ओर से कोई कदम सुरक्षा के लिए नहीं उठाया। निगम की लापरवाही से किसी भी दिन हादसा हो सकता है।
नोएडा में युवराज और हर्षित की मौत के बाद जिले में भी खतरनाक स्थानों को चिह्नित कर इन जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम करने के दावे किए गए थे। निगम ने खतरनाक स्थानों पर सिर्फ बांस-बल्ली लगाकर खानापूर्ति की। इंदिरापुरम के इलाकों में नवंबर-दिसंबर से सीवर-नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही इंदिरापुरम में इसी साल चार मार्गों को आदर्श सड़क बनाने की परियोजना की भी शुरुआत की गई थी। वहीं, कुछ इलाकों में सीवर लाइन बदलने का भी काम चल रहा है। इसकी वजह से ज्यादातर मार्ग पर ठेकेदारों ने खोदाई करा रखी है। हैरानी की बात है कि सीएम ग्रेड योजना के तहत सड़कों को आदर्श बनाने वाली परियोजना की साइटों पर भी घोर लापरवाही बरती जा ही है। इसी सप्ताह ही नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी निर्माण क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद जहां बैरिकेड नहीं था। वहां सभी इलाकों में बैरिकेड लगाकर काम करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद भी क्षेत्र में लापरवाही की जा रही है।
इन जगहों पर है सबसे ज्यादा परेशानी
न्यायखंड में बीकानेर चौक, जीडीए मार्केट से इस्कॉन टेंपल, काला पत्थर रोड, शिप्रा मॉल, न्यायखंड एक पत्रकार विहार सोसायटी समेत कई स्थानों पर सबसे ज्यादा परेशानी है। लोगों ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर रहे हैं।
जलकल के अवर अभियंता मयंक मिश्रा का कहना है कि कई जगहों पर बैरिकेड के बिना निर्माण कार्य की शिकायत मिलने पर निरीक्षण करके बैरिकेड लगाने के निर्देश दिए हैं। ज्यादातर इलाकों पर बैरिकेड के साथ ही काम किया जा रहा है।