यात्री सुविधाओं का हाल जानने बुधवार को रेलवे के सीनियर अधिकारी दिल्ली से गाजियाबाद पहुंचे। ढाई घंटे उन्होंने प्लेटफार्म, बुकिंग एरिया, सर्कुलेटिंग और वेटिंग हॉल का जायजा लिया। सीपेज मिलने और वेटिंग हॉल में रंगाई-पुताई न कराए जाने पर उन्होंने स्थानीय इंजीनियरों को डांट लगाई।
पानी गंदा दिखा तो अधिकारी उसका सैंपल भरवाकर दिल्ली ले गए। एक साल पूर्व दिए गए निर्देशों के बावजूद काम न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने बीते साल की रिपोर्ट भी तलब की है।
सुबह करीब 11 बजे रेलवे के चीफ कामर्शियल मैनेजर (कैटरिंग) एसके जैन, डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर (प्लानिंग) एके पाठक, डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर रजनीश झा, हेल्थ डिपार्टमेंट की सीनियर अधिकारी डॉ. अनीता बंसल, चीफ ब्रिज इंजीनियर एमपी सिंह की टीम पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची।
डीटीएम डीके चोपड़ा, स्टेशन अधीक्षक केएल शुक्ला, डिप्टी स्टेशन अधीक्षक एसके मेहता, चीफ वेगन मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील शर्मा, सीएचआई जितेंद्र दुबे के साथ उन्होंने स्टेशन का निरीक्षण किया।
ड्रेनेज साफ न मिलने पर उन्होंने सीएचआई को डांट लगाकर सफाई कराने के निर्देश दिए। स्टेशन के कमरों में सीपेज मिलने और रंगाई-पुताई न मिलने पर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों को फटकार लगाई।
प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए लगी पानी की टंकियों से उन्होंने पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। उन्होंने स्टाल पर खाद्य और पेय पदार्थों की जांच भी की। स्टेशन पर अवैध वेंडरों के मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर को इन पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।