गाजियाबाद। स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर में रिचार्ज के बाद भी बैलेंस माइनस दिखने और बिजली कटने की समस्या को ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने दूर कर दिया है। नई व्यवस्था को अपनाने में शुरुआती दिक्कतें आना स्वाभाविक है, लेकिन अब अधिकांश समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। यह जानकारी मंगलवार को जोन-1 के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने कविनगर स्थित स्काडा भवन में दी।
मुख्य अभियंता ने कहा कि स्मार्ट मीटर समय की जरूरत हैं और जल्द ही पूरे जिले में इन्हें लागू किया जाएगा। घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उपभोक्ताओं से अपेक्षा है कि वह इस नई आधुनिक व्यवस्था को अपनाएं और इसमें अपना सहयोग दें। आने वाले कुछ ही समय में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 2.12 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। प्रतिदिन एक हजार से अधिक मीटर लगाए जा रहे हैं। मानव संसाधन बढ़ाकर इस कार्य में और तेजी लाई जाएगी। अभी करीब नौ लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जहां मीटर लगना बाकी है।
मुख्य अभियंता ने कहा कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह पारदर्शी हैं। उपभोक्ता कभी भी अपने बिजली उपयोग, लोड और शेष बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। महीने भर की खपत का पूरा विवरण भी एक क्लिक में उपलब्ध होगा।
ज्यादा बिल का भ्रम
मुख्य अभियंता ने कहा कि कुछ उपभोक्ताओं की ओर से अधिक बिल आने की शिकायत की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रम है। सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर परीक्षण के बाद ही लगाए जा रहे हैं। अगर किसी को संदेह है तो वह चेक मीटर लगवाकर संतुष्टि कर सकता है।
समय रहते करें रिचार्ज
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे यूपीपीसीएल का स्मार्ट मीटर एप डाउनलोड करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगइन करें। बैलेंस 30 फीसदी, 10 फीसदी और शून्य होने पर मैसेज भेजा जाता है। माइनस बैलेंस की स्थिति में भी तीन दिन का समय दिया जाता है। बिजली कटने के बाद रिचार्ज करने पर एक से दो घंटे में आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाती है। किसी उपभोक्ता के पास स्मार्टफोन नहीं है तो वह इसकी जानकारी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
शिकायत के लिए ये हैं विकल्प
समस्या होने पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर चैटबॉट से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 9193320115 नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।