गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बना पुराना निर्माण। संवाद
गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन के विकास की रफ्तार इतनी धीमी है कि काम पूरा करने की मियाद पूरी होने के बावजूद भी कार्यदायी संस्था किसी भी प्लेटफॉर्म पर अभी तक काम शुरू नहीं करा सकी। मौजूदा काम की गति देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर और विजयनगर साइड में भवनों का काम पूरा होने में ही अभी ढाई से तीन साल और लगेंगे।
हालत यह है कि प्लेटफार्मों पर हुआ निर्माण अभी यथावत है। इसको तोड़ने और हटाने में ही कम से कम छह माह का समय लगेगा। ऐसे में निर्माण कार्य कब शुरू होगा और कब पूरा होगा, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। निर्माण तोड़ने पर क्या वैकल्पिक व्यवस्था होगी, इसकी भी कोई कार्ययोजना नहीं है। छह माह पहले प्लेटफार्म नंबर तीन और चार पर अधिकारियों के कार्यालयों को अस्थाई कार्यालयों में स्थानांतरित करने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए टिकट घर के निकट अस्थाई कार्यालय बनाए गए हैं लेकिन इनमें कोई सुविधा भी नहीं है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को कब तक अग्निपरीक्षा देनी होगी। रेलवे प्रबंधन इसको लेकर गंभीर नहीं है। इस बारे में नाॅर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस प्रकरण को अधिकारिक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। जल्द ही रेलवे स्टेशन का काम रफ्तार पकड़ेगा।
-वाहनों के टूट रहे एक्सेल : रेलवे स्टेशन का मुख्य मार्ग बदहाल है। माल गोदाम की तरफ जाने वाले रास्ते में एक फुट से भी ज्यादा गहरा गड्ढा है। दूर तक पानी भरा है। भारी वाहनों के एक्सेल टूट रहे हैं। इसको लेकर माल गोदाम इंचार्ज से लेकर एरिया ऑफिसर की तरफ से मुख्यालय को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। बारिश होने के बाद रास्ते में दूर तक कीचड़ हाेने से यात्रियों के कपड़े खराब हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था ने इसकी सुध नहीं ली।
365 करोड़ से हो रहा है स्टेशन का विकास
अमृत भारत योजना के अंतर्गत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन का विकास 365 करोड़ से होना है। एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन को विकसित करने का दावा किया गया था। इसका काम ढाई साल पहले शुरू हुआ था। काम की मियाद बीते माह 25 अगस्त को पूरी हो चुकी है। अभी तक करीब 65 करोड़ की धनराशि की खर्च हो सकी है। खास बात यह है कि सदर विधायक संजीव शर्मा से लेकर हर स्तर पर इस समस्या को उठाया जा रहा है। इसके बावजूद काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। गाजियाबाद से रोजाना 80-90 हजार लोगों की आवाजाही होती है।