गाजियाबाद। सोसायटियों में लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, इसके बावजूद निगम की टीम रूटीन में आक्रामक कुत्तों को पकड़ने नहीं आती है। कई बार शिकायत के बाद टीम आधे-अधूरे संसाधनों के साथ पहुंचती है और बिना कुत्ते पकड़े चली जाती है। उधर, शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को निगम की टीम ऑफिसर सिटी-वन में पहुंची, लेकिन बिना कुत्ता पकड़े चली गई।
हाल ही में राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी-एक सोसायटी में कुत्ते के हमले में दसवीं की छात्रा गिरकर घायल हो गई। सोसायटी में 150 से अधिक कुत्ते हैं। इससे निवासी परेशान हैं। निवासियों का कहना है कि यहां आए दिन घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन कुत्तों की समस्या का कोई समाधान नहीं है। बुधवार को भी एक बच्ची पर कुत्ते झपटे लेकिन लोगों ने उसे बचा लिया। निवासी दीपा का कहना है कि कुत्तों को लेकर एओए भी कोई उपाय नहीं करती। एओए अध्यक्ष आशीष अवस्थी का कहना है कि दर्जनों बार शिकायत कर चुके, लेकिन आज तक निगम की टीम नहीं आई। कई बार की शिकायत के बाद आधे-अधूरे संसाधनों के साथ आती है और कुत्तों को पकड़कर नहीं ले जाती। बृहस्पतिवार को भी निगम की टीम कुत्ता पकड़ने आई, लेकिन एक भी आक्रामक कुत्ते को नहीं पकड़ सकी। राजनगर रेजीडेंसी के मेंटेनेंस इंचार्ज हर्ष चौधरी का कहना है कि निगम की टीम कभी नहीं आती है और घटना के बाद फोन करते हैं तो आधूे-अधूरे संसाधनों के साथ आती है। इसमें जाल फटे होते हैं, क्रैचर काम नहीं करता। ऐसे में वह बिना कुत्ते पकड़े बाद लौट जाती है।