गाजियाबाद। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के तकनीकी खामियों के चलते आम जनता बेहाल है। जिले में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के लिए आवेदकों को महीनों से इंतजार करना पड़ रहा है। तीन-तीन माह बीत जाने के बाद भी करीब 16 हजार वाहन स्वामियों के घर आरसी और डीएल नहीं पहुंच सके हैं, जिसके कारण लोग रोजाना कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं।
बृहस्पतिवार को कार्यालय पहुंचे रमन सोनी ने बताया कि उन्होंने परमानेंट डीएल के लिए जुलाई में परीक्षा दी थी। पास होने के बाद आजतक उनके दर्ज पते पर डीएल नहीं पहुंच सका है। कई बार इसको लेकर कार्यालय में जानकारी लेने की कोशिश भी गई, लेकिन लखनऊ से आएगा सिर्फ यही जवाब मिलता है। राकेश शर्मा ने बताया कि दस्तावेज समय पर न मिलने से वाहन चालकों को सड़कों पर पुलिस चेकिंग के दौरान भारी चालान का भय सता रहा है। डिजिलॉकर और एम-परिवहन पर भी कई बार तत्काल अपडेट न दिखने के कारण ट्रैफिक पुलिस से नोकझोंक की नौबत आ जाती है। बता दें कि वाहन और सारथी पोर्टल के सर्वर में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों से काम की गति बेहद धीमी हो गई है। अप्रूवल मिलने के बाद भी पोर्टल पर स्टेटस अपडेट नहीं हो रहा, जिससे प्रिंटिंग और डिस्पैच की प्रक्रिया ठप पड़ी है। कई मामलों में स्मार्ट कार्ड की कमी और प्रिंटिंग एजेंसी की सुस्ती के चलते आवेदकों की फाइलें धूल फांक रही हैं।
इस संदर्भ में एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खामियों को दूर करने का प्रयास जारी है। लंबित कार्डों की प्रिंटिंग का काम तेजी से निपटाकर डाक विभाग के जरिये जल्द से जल्द आवेदकों के पते पर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।