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Ghaziabad News: शत्रु संपत्ति को लेकर गृह मंत्रालय ने मांगी मौके की स्थिति पर रिपोर्ट

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गाजियाबाद। शत्रु संपत्ति की जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को गृह मंत्रालय से आई टीम ने डीएम रविंद्र मांदड़ की मौजूदगी में लोनी, सदर और मोदीनगर तहसील के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे शत्रु संपत्तियों का ब्योरा मांगा। इस दौरान उन्होंने मौके की स्थिति के बारे में भी जानकारी लेकर इसकी रिपोर्ट तैयार की। लोनी के बदरपुर खादर इलाके की शत्रु संपत्ति का गृह मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण किया।
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शत्रु संपत्ति की एक जगह इकट्ठी सबसे अधिक जमीन मोदीनगर तहसील के सीकरी खुर्द गांव में है। इस जमीन के बड़े रकबे पर प्लॉटिंग, मकान, दुकान बने हैं। इस जमीन में 25 हजार घर बने हैं। इस जमीन को शत्रु संपत्ति से बाहर करने के लिए स्थानीय लोगों ने आंदोलन भी किया था। आज भी इस जमीन के कंडीशनल बैनामे हो रहे हैं।
एसडीएम मोदीनगर कोमल पंवार ने गृह मंत्रालय की टीम को पूरी स्थिति से अवगत कराया। जमीन की स्थिति का वीडियाे और फोटो टीम को उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा सदर तहसील के गांव के कुशलिया और लोनी तहसील की जमीनों का रिकॉर्ड और साक्ष्य भी टीम ने संकलित किए।
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इस मौके पर गृह मंत्रालय शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से निदेशक विनीत नायर, लखनऊ शाखा से उप सचिव राजेंद्र कुमार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पर्यवेक्षक प्रशांत सैनी, एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्य, एसडीएम मोदीनगर कोमल पंवार, तहसीलदार रजत कुमार आदि अनेक अधिकारी मौजूद रहे। विदित हो कि तहसील प्रशासन ने गृह मंत्रालय की टीम को वस्तु स्थिति से अवगत कराने के लिए बीते चार पांच दिन तक संपत्ति की वीडियो ग्राफी कराई थी। इसका पूरा रिकॉर्ड भी निकाला गया है।
सीकरी लोगों की फिर बढ़ी चिंता
सीकरी खुर्द गांव एतिहासिक है। इस गांव में शत्रु संपत्ति का बड़ा रकबा है। गृह मंत्रालय की टीम की दस्तक के बाद सीकरी खुर्द और उसके आसपास बसी हजारों की आबादी की दोबारा से चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर पूरे दिन सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी प्रतिक्रिया देते रहे। इस बारे में शत्रु संपत्ति आंदोलन के अगुवा पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. बबली गुर्जर ने बताया कि ग्रामीणों के पास जमीनों का पुराना रिकॉर्ड है। तमाम जमीन चकबंदी के तहत मिली थी। इसलिए प्रशासन से मांग है कि ग्रामीणों का पक्ष जाने बगैर इस मामले में कोई भी निर्णय न लिया जाए। अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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