बस की लोकल बॉडी बनवाने पर अब आरटीओ में रजिस्ट्रेशन पर ब्रेक लग गया है। परिवहन विभाग के लखनऊ मुख्यालय की ओर से बस की बॉडी बनवाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है।
सरकारी हो या प्राइवेट हर किसी को विभाग की ओर से मान्यता प्राप्त डीलर्स से ही बस की बॉडी बनवानी होगी। अगर कोई लोकल बॉडी बनवाता है तो उसके वाहन का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
नई बॉडी बनवाने के बाद डीलर्स की ओर से गाड़ी मालिक को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उस सर्टिफिकेट के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। लोकल बॉडी के चलते होने वाले हादसों में जान-माल के अधिक नुकसान के चलते विभाग ने यह फैसला लिया है।
एटा हादसे में हुई जांच में भी बस की लोकल बॉडी होने की बात सामने आयी थी। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि नई बस बॉडी के लिए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। अब रजिस्टर्ड डीलर से बॉडी बनवाने व उसके सर्टिफिकेट देने के बाद ही विभाग में रजिस्ट्रेशन हो सकेगा।