गाजियाबाद। प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की देश-विदेश में तस्करी के मामले में गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने जेल में बंद दो भाइयों पर पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट (अवैध व्यापार निवारण) के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद दोनों भाइयों को एक वर्ष तक जमानत नहीं मिल सकेगी।
पुलिस इस अवधि को जरूरत पड़ने पर एक वर्ष और बढ़वा सकती है, जिससे उन्हें अधिकतम दो वर्ष तक जेल में रहना पड़ सकता है। मंडलायुक्त से अनुमति मिलने के बाद बुधवार को लखनऊ जेल में निरुद्ध दोनों आरोपियों को आदेश तामील करा दिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजकरन नैय्यर ने बताया कि सहारनपुर के शास्त्रीनगर निवासी विभोर राणा और विशाल राणा मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त पाए गए थे। उन्हें एसटीएफ लखनऊ ने दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। दोनों तब से लखनऊ जेल में बंद हैं।
आरोप है कि दोनों ने विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर फर्जी फर्में बनाकर फर्जी बिलों के जरिये प्रतिबंधित कफ सिरप की बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक तस्करी की। पुलिस करीब तीन माह पूर्व दोनों भाइयों की 12.55 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी कुर्क कर चुकी है।
आरोपी विभोर राणा। स्रोत: पुलिस