गाजियाबाद। उत्तराखंड में बादल फटने से परेशानी टीएचए और नोएडा को भी झेलनी पड़ेगी। भारी बारिश और बादल फटने से गंगनहर में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने नहर बंद कर दी है। इसकी वजह से प्रताप विहार गंगाजल प्लांट में पानी की मात्रा कम हो गई है।
रविवार को किसी तरह नोएडा-टीएचए में गंगाजल की सप्लाई कर दी गई, लेकिन सोमवार से दोनों क्षेत्रों में गंगाजल आपूर्ति भी बंद हो जाएगी। लाखों की आबादी को पानी का संकट झेलना पड़ेगा।
उत्तराखंड के ऊपरी क्षेत्रों में कई दिन से लगातार बारिश हो रही है। बादल फटने से मिट्टी और मकानों का मलबा भी गंगा में बहकर आ गया है। इसकी वजह से गंगनहर में भी सिल्ट की मात्रा 5000 पीपीएम से ज्यादा पहुंच गई है।
ऐसे में सिल्ट से नहर के चोक होने का खतरा बन गया है। सिंचाई विभाग ने शनिवार रात को ही हरिद्वार से गंगनहर बंद कर दी। रविवार को जल निगम को इसकी सूचना दे दी गई। जल निगम के अधिशासी अभियंता और गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि रविवार को गंगनहर में जल स्तर घट जाने से प्लांट को भी पानी कम मिल सका।
इसके चलते पुराने प्लांट से टीएचए और नोएडा को 50 की बजाय 40 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई की जा सकी। सोमवार सुबह से प्लांट बंद हो जाएगा। इसकी वजह से नोएडा और टीएचए की कालोनियों में भी गंगाजल आपूर्ति नहीं की जा सकेगी।
उनका कहना है कि नहर दोबारा चालू होने के करीब 36 से 48 घंटे बाद दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल हो सकेगी। अवर अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि सोमवार सुबह सुचारु रूप से पानी की सप्लाई हो जाएगी।
जब तक गंगाजल की सप्लाई बंद रहेगी, तब तक नलकूप के जरिए पानी की सप्लाई होगी। वसुंधरा जोन में करीब 36 नलकूप हैं। जिन से सप्लाई की जाएगी। इस दौरान सुबह सुचारुरूप से सप्लाई होगी, जबकि शाम की सप्लाई बाधित रहेगी।
टीएचए की इन कालोनियों में होगा पानी संकट
वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी, सूर्य नगर, ब्रिज विहार, चंद्रनगर, रामपुरी, रामप्रस्थ, कड़कड़ मॉडल
ऐसे होता है गंगाजल का बंटवारा
पुराने प्लांट से नोएडा को सप्लाई 30 क्यूसेक
इसी प्लांट से टीएचए को आपूर्ति 20 क्यूसेक
नए प्लांट से नोएडा को आपूर्ति 50 क्यूसेक