गाजियाबाद। अगर आप लड्डू, बर्फी, रसगुल्ले और पनीर खाने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए। शहर में कई स्थानों पर स्वाद के नाम पर ऐसी खाद्य सामग्री परोसी जा रही है, जो आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे ही चार मामलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने न्यायालय में वाद दायर किए हैं। विभाग की जांच में लड्डू, रसगुल्ले, बर्फी और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट 20 जून को लखनऊ प्रयोगशाला से प्राप्त हुई।
सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 सुरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इसी वर्ष मार्च में साहिबाबाद और लोनी के अलग-अलग स्थानों से लड्डू, पनीर, बर्फी व रसगुल्ले के नमूने लिए गए थे। अब उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक की सजा, पांच लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सिंथेटिक रंगों से बना रहे आकर्षक
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, लोनी के संगम विहार स्थित हरि स्वीट्स से लिए गए बूंदी के लड्डू के नमूने में सिंथेटिक रंग पाए गए। साहिबाबाद स्थित अग्रवाल स्वीट पॉइंट के रसगुल्ले में भी निर्धारित मानक से लगभग दोगुना रंग मिला है। सहायक आयुक्त ने बताया कि सिंथेटिक रंग सस्ते होते हैं। इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
बर्फी की चमक चांदी नहीं, एल्यूमिनियम की
अधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ दुकानदार चांदी के वर्क की जगह एल्यूमिनियम का इस्तेमाल कर रहे हैं। साहिबाबाद स्थित किराना कार्ट से लिए गए बर्फी के नमूने की रिपोर्ट में यही सामने आया। सहायक आयुक्त ने बताया कि इसमें रंग की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। साथ ही चांदी के वर्क के स्थान पर एल्यूमिनियम का प्रयोग किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि एल्यूमिनियम का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
दिल को बीमार कर सकता है पनीर
मिठाइयों के साथ-साथ शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माने जाने वाला पनीर भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। जांच में लोनी के मलिक किराना स्टोर से लिए गए पनीर के नमूने में ट्रांस फैट पाया गया है। सहायक आयुक्त ने बताया कि ट्रांस फैट के अधिक सेवन से हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।