शहर को स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने कंसलटेंट फर्म बदल दी है। मुंबई और साउथ दिल्ली को पहले ही प्रयास में सफलता दिलाने वाली फर्म को निगम ने स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करने के लिए हायर किया है।
अब इस फर्म के एक्सपर्ट गाजियाबाद नगर निगम की ओर से एससीपी (स्मार्ट सिटी प्रपोजल) तैयार करेंगे। निगम को 30 जून तक यह प्रपोजल तैयार कर प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजना है।
पूर्व में नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार कराने के लिए जर्मनी की ‘डॉर्श’ नामक फर्म को हायर किया था। एससीपी बनाए जाने के दौरान नगर आयुक्त अब्दुल समद इस फर्म की शिकायत शासन को भेज चुके थे।
उनका कहना था कि फर्म ने प्रपोजल तैयार करने में लापरवाही बरती थी। पहले चरण में स्मार्ट सिटी की सूची से बाहर हो जाने के बाद नगर निगम ने फर्म बदलने के लिए शासन को पत्र भेजा था। नगर विकास विभाग ने अब डॉर्श की बजाय मुंबई की फर्म ‘केपीएमजी एडवायजरी प्राइवेट लिमिटेड’ को हायर किया है।
फर्म के एक्सपर्ट ने महापौर से की मीटिंग
गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कराए जाने को लेकर महापौर अशु वर्मा भी गंभीर हैं। महापौर ने कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट से अपने आवास पर बुलाकर मीटिंग की। उन्होंने बेहतर एससीपी बनाने के लिए निर्देश दिए।
पब्लिक के सुझाव पर बनेगा प्रपोजल
निगम अधिकारी इस बार ज्यादा से ज्यादा पब्लिक के सुझाव पर स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार कराएंगे। उनका कहना है कि जनता के बीच से बेहतर सुझाव आएंगे तो निगम का प्रपोजल भी बेहतर होगा।
मुंबई की फर्म को कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। फिलहाल बेसिक तैयारी की जा रही है। जल्द ही स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार किया जाएगा। 30 जून से पहले यह प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त