इंदिरापुरम। कनावनी गांव स्थित जीडीए की जमीन पर बसी अवैध झुग्गियों में आग शुक्रवार को 24 घंटे बाद भी सुलगती रही। गोदाम और टिनशेड समेत अन्य सामान से आज भी धुआं निकलता रहा। दमकलकर्मी आग बुझाते हुए कूलिंग के काम में जुटे रहे। कई पीड़ित परिवार शेल्टर होम से झुग्गी बस्ती में पहुंचकर राख को कुरेदते दिखे कि शायद घर का कुछ बचा हुआ सामान मिल जाए। वहीं, अग्निशमन विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दी गई है और वह इस हादसे की वजह तलाशेंगे।
16 अप्रैल की दोपहर को कनावनी गांव स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में आग लगने 125 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गईं। उनमें रहने वाले लोगों ने किसी तरह भाग कर अपनी और परिवार की जान बचाई थी। पीड़ित परिवारों को कनावनी स्थित आर्य शिक्षा निकेतन जूनियर हाई स्कूल के शेल्टर होम में ठहराया गया है। शुक्रवार सुबह लोग यहां से नाश्ता करने के बाद झुग्गियों में पहुंच गए। कई लोग वहां बैठकर रोते रहे तो किसी की आंख नम हो गई। जहां वह परिवार के साथ वर्षों से रह रहे थे वहां सिर्फ उनकी यादों की राख थी। आग का वह भयावह मंजर उनकी आंखों में साफ दिख रहा था। लोगों ने राख को कुरेदते हुए जले हुए मलबे को इस उम्मीद से अलग किया कि शायद कुछ सामान उन्हें सही सलामत मिल जाए। उधर, शुक्रवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ एंबुलेंस भी तैनात रही। आग हादसे की वजह जानने के लिए दमकल विभाग की ओर से दो एफएसओ और एक सबइंस्पेक्टर की टीम गठित की है। यह आग के कारणों को जानने में जुट गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, राहुल पाल का कहना है कि आग किन कारणों से लगी इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। दूसरे दिन भी दमकल टीम धधकती हुई आग को शांत करने का काम करती रही।