फेस्टिव सीजन में इस बार रोडवेज पर बीते साल से ज्यादा ‘धनवर्षा’ हुई। पांच दिनों में अकेले गाजियाबाद डिपो ने 43.17 लाख रुपये कमाए। बीते साल इस डिपो ने सिर्फ 37.65 लाख की कमाई की थी।
इस बार बेहतर सेवा की वजह से रोडवेज की आमदनी बढ़ी है। हालांकि कमाई के मामले में साहिबाबाद डिपो रीजन में नंबर वन पर रहा है। साहिबाबाद डिपो ने पांच दिन में 1.56 करोड़ की कमाई की है।
परिवहन निगम ने फेस्टिव सीजन के लिए इस बार पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। यात्रियों की भीड़ जैसे-जैसे बढ़ती गई, वैसे-वैसे परिवहन निगम ने सड़कों पर अतिरिक्त बसें उतार दीं। यही वजह रही कि इस बार पहले से ज्यादा कमाई हुई।
गाजियाबाद डिपो की 58 बसों ने इस साल 1.12 लाख किलोमीटर रनिंग की, जबकि बीते साल 99 हजार किलोमीटर सफर किया था। बीते साल रोडवेज की 53 बसें सड़कों पर उतरीं थीं। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक गाजियाबाद डिपो ने 26 से 30 अक्तूबर तक 43.17 लाख रुपये की आमदनी की है।
इस बार बीते साल से 5.52 लाख रुपये ज्यादा कमाई की है। यानी प्रतिदिन करीब 1.10 लाख रुपये ज्यादा कमाए। साहिबाबाद डिपो की बसों ने इस फेस्टिव सीजन में 1.56 करोड़, कौशांबी डिपो ने 1.32 करोड़ और हापुड़ ने 88.74 लाख की कमाई की है।
गाजियाबाद डिपो की बसों से इस बार ज्यादा एक्सट्रा ट्रिप लगाई गई। पांच दिन में डिपों ने पहले से बेहतर आमदनी की है। हमने यात्रियों को बेहतर सेवाएं दीं। - आरसी सुखीजा, एआरएम, गाजियाबाद