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Ghaziabad News: जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजन को फैक्टरी प्रबंधन ने 10-10 लाख की आर्थिक मदद की

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साहिबाबाद। साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र में कंप्रेशर फटने के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले दो श्रमिकों के परिजन को फैक्टरी प्रबंधन की ओर से 10-10 लाख की आर्थिक मदद की है। जबकि घायल के परिजन को दो लाख रुपये और उनके इलाज कराने की बात कही है। वहीं, हादसे के बाद शुक्रवार को कंपनी में काम बंद रहा। यह प्रक्रिया शुक्रवार को फैक्टरी की विधि टीम ने लिंक रोड थाने पहुंचकर पूरी की।हालांकि अभी तक पुलिस को किसी ने शिकायत नहीं दी है।
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एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि बृहस्पतिवार को मशीन जांच के दौरान हुए हादसा में टेक्नीशियन इमरान और त्रिभुवन की जान चली गई थी। जबकि घायल बांके बिहारी का इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत में सुधार है। हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। अभी तक किसी की ओर से शिकायत नहीं की गई है। एसीपी ने बताया कि कंपनी प्रबंधन की ओर से हादसे में मारे गए कर्मियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायल को उपचार के खर्च के साथ दो लाख रुपये की सहायता की है। इमरान कंपनी में काफी समय से काम कर रहे थे और उनका बीमा भी था, लेकिन त्रिभुवन का बीमा नहीं हो सका था। हादसे के बाद शुक्रवार को फैक्टरी में कामकाज बंद रहा और पुलिस जांच में जुटी रही। हंगामे की आशंका को देखते हुए फैक्टरी पर दो थानों की पुलिस तैनात की गई थी।
गौरतलब है कि मैडोर्स रेनेवबल एनर्जी प्रालि के संचालक रमेश शर्मा विदेश में रहते है और ऑनलाइन ही फैक्टरी की निगरानी करते है। फैक्टरी प्रबंधक सतीश शर्मा निवासी तमिलनाडू ही कंपनी का प्रबंधन संभालते है। फैक्टरी में, बड़े चिलर प्लांटों में लगने वाली मशीनें बनाई जाती हैं। इनमें पानी और दूध आदि समेत अन्य वस्तुओं को ठंडा-गर्म किया जाता है। बृहस्पतिवार शाम टेक्नीशियन इमरान, त्रिभुवन और सहायक बांके बिहारी मशीन के कंप्रेसर में नाइट्रोजन भरकर पाइपों का परीक्षण कर रहे थे। उसी दौरान एक टीएचई नामक उपकरण में धमाका हुआ तो त्रिभुवन का एक हाथ शरीर से अलग हो गया। जबकि इमरान और बांके बिहारी को गंभीर चोटें आई थीं। इमरान और त्रिभुवन की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। त्रिभुवन के परिजन थाने पहुंचे थे और पुलिस अधिकारियों से बात करके वापस चले गए।
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20 दिन पहले फरीदाबाद से आए साहिबाबाद
त्रिभुवन प्रजापति के भाई प्रदीप ने बताया कि वह मूलरूप से गंगाओ कुशीनगर के रहने वाले हैं। त्रिभुवन ने आईटीआई कर रखी थी और 20 दिन पहले तक वह हरियाणा के फरीदाबाद की कंपनी में नौकरी करते थे। हाल ही में मैडोर्स रेनेवबल कंपनी में नौकरी शुरू की थी। तीन भाई में सबसे छोटे त्रिभुवन की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। वह अपनी पत्नी और बच्ची के साथ मोहन नगर में किराए रहते थे। प्रदीप ने बताया कि त्रिभुवन की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी पत्नी की हालत खराब है। शुक्रवार देर शाम सफदरजंग अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर वह अंतिम संस्कार के लिए गंगाओ ले गए।
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