संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। गंगनहर पटरी मार्ग पर बीते 17 दिसंबर को मुरादनगर पुलिस चौकी के पास लाल सूटकेस से बरामद छह वर्षीय बच्चे के शव का डीएनडी सैंपल मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी जुनेद के परिजनों ने नहीं मिला। डीएनए मिलान नहीं होने से निवाड़ी पुलिस को बड़ा झटका लगा है।
निवाड़ी थाना क्षेत्र में गंगनहर पटरी पर मुरादनगर पुलिस चौकी से मात्र तीन सौ मीटर दूर झाड़ियों में 17 दिसंबर को एक लाल रंग के सूटकेस से बच्चे का शव बरामद हुआ था। बच्चे की गला दबाकर हत्या की गई थी और उसे सिगरेट से दागा गया था। बच्चे से कुकर्म की आशंका भी जताई गई थी। पुलिस के अनुसार शव की उम्र लगभग छह साल थी और उसके एक हाथ पर प्लास्टर लगा था। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए छह से अधिक टीमों का गठन किया था। टीमों ने एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले और दिल्ली एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चिकित्सकों के अलावा सूटकेस कारोबारियों से संपर्क करने का दावा किया था।
इसी दौरान पुलिस को मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र से जुनेद नाम के बच्चे के लापता होने की जानकारी मिली थी। आठ वर्षीय जुनेद ढाई साल पहले लापता हो गया था। पुलिस ने बच्चे के कपड़े और फोटो परिजनों को दिखाए तो उन्होंने शव जुनेद का होने का दावा किया, मगर इसके अगले ही दिन जुनेद के परिजन अपनी बात से मुकर गए थे। इसके बाद पुलिस ने जुनेद के परिजनों की डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया। डीएनए जांच के लिए जुनेद की मां हिना का सैंपल लिया था।
जांच में सूटकेस से बरामद बच्चे के शव और हिना का डीएनए मैच नहीं हुआ। इससे एक बार फिर बच्चे के शव की शिनाख्त की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस अब इसमें नए सिरे से शिनाख्त करने में जुटने की बात कह रही है। एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी लापता बच्चे जुनेद के परिजनों की डीएनए रिपोर्ट आ गई है। सूटकेस बरामद शव और जुनेद के परिजनों का डीएनए मिलान नहीं हुआ है। टीमें अब पिछले पांच साल से लापता बच्चों का डाटा जुटा रही हैं।