गाजियाबाद। शहर में अब बनने वाले सभी प्रमुख मार्गों को सड़क सुरक्षा मानकों के आधार पर डिजाइन किया जाएगा। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने आउटर रिंग रोड, हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर और बंधा मार्ग को विशेष तौर पर सुरक्षित बनाने का प्लान तैयार किया है। इसमें छोटे-छोटे बिंदुओं को ध्यान में रखकर सड़क हादसों को कम करने की कोशिश की जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि विकास के साथ नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पुराने चौराहों पर सुधार कार्य के साथ नए बन रहे प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसी उद्देश्य से आर्किटेक्चर और डिजाइन के लिए एक थर्ड पार्टी कंपनी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी चल रही है। तैयार होने वाली डीपीआर में हादसा रोकथाम से जुड़े सभी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
तीव्र मोड़ नहीं, गति सीमा तय होगी
जानकारी के अनुसार आउटर रिंग रोड और बंधा मार्ग शहर के दो बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनके निर्माण में कहीं भी तीव्र मोड़ नहीं दिए जाएंगे। मोड़ों को सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुसार चौड़ा और सुगम रखा जाएगा। इसके अलावा दोनों मार्गों पर अधिकतम गति सीमा निर्धारित की जाएगी, जिससे वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो सके। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर योजना बनाई जा रही है। मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड और जरूरी सूचनाएं भी लगाई जाएंगी ताकि राहगीरों को रास्ते को लेकर भ्रम न हो।
डिवाइडर और निगरानी पर जोर
सुरक्षा के लिहाज से डिवाइडरों को जरूरी ऊंचाई दी जाएगी, ताकि विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों से होने वाले हादसों पर रोक लग सके। आउटर रिंग रोड और बंधा मार्ग दोनों ही हरनंदीपुरम, एयरोसिटी और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को जोड़ेंगे। ऐसे में इन मार्गों पर प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। आउटर रिंग रोड पर प्रकाश व्यवस्था के लिए 15 करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है।
हादसों की निगरानी और अपराध नियंत्रण के लिए दोनों मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इससे न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि आपात स्थिति में त्वरित मदद भी मिल सकेगी।
जीडीए का कहना है कि नए मार्गों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस तरह तैयार किया जा रहा है कि विकास के साथ-साथ लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।