साहिबाबाद। एलपीजी की किल्लत से न केवल आम इंसान प्रभावित हो रहा है, बल्कि अब औद्योगिक इकाइयों में भी समस्या गहराने लगी है। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की भारी कमी और पीएनजी कनेक्शन में देरी के चलते कई उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हो गया है, जबकि अब श्रमिकों के पलायन की भी समस्या सामने आ रही है। ऐसे में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में 30 दिन में आईजीएल कनेक्शन दिए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश मित्तल का कहना है कि पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर साहिबाबाद के टॉय मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक फैन, पाउडर कोटिंग और वेल्डिंग से जुड़े उद्योगों पर पड़ा है। इन इकाइयों का उत्पादन पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर है। पदाधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में एलपीजी किल्लत की वजह से फैक्ट्रियों में काम बंद होने से ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पा रहे और उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उद्योगों के सामने पीएनजी कनेक्शन भी तत्काल विकल्प नहीं बन पा रहा है। अब तक इन उद्योगों में कॉमर्शियल सिलिंडर से काम चलाया जाता था। बहुत कम औद्योगिक इकाई ने आईजीएल कनेक्शन लिया हुआ है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि अब अचानक से आईजीएल से कनेक्शन लेने की प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिसमें 6 महीने से लेकर 1-2 साल तक का समय लग रहा है। ऐसे में उद्योगों के पास ऊर्जा का कोई स्थायी विकल्प नहीं बचा है। ऐसे में काम प्रभावित हो रहा है और उद्यमियों को आर्थिक क्षति हो रही है। कुछ उद्यमियों का यह भी कहना है कि इंजीनियरिंग से संबंधित कुछ उद्योग जो गैस से वेल्डिंग का काम करते हैं, वह ठप होने के कगार पर हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने इस समस्या का त्वरित कोई समाधान नहीं निकाला, तो एमएसएमई सेक्टर काफी प्रभावित होगा। स्थानीय रोजगार घटेगा और कई इकाइयों के बंद होने की नौबत आ सकती है। ऐसे में उद्यमियों ने सरकार से एलपीजी की प्राथमिकता पर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पीएनजी कनेक्शन प्रक्रिया को 30 दिन के भीतर पूरा करने की मांग की है। उद्यमी अजीत तोमर का कहना है कि काम बंद होने और मजदूरों को सिलिंडर न मिलने की वजह से बहुत से मजदूरों का पलायन भी हो रहा है।