गाजियाबाद। नगर निगम संपत्तिकर की वसूली के दौरान कर अधीक्षक के साथ चलने वाले प्राइवेट फर्मों के कर्मचारियों पर नगर आयुक्त ने रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि निगम के कर्मचारी के अलावा कोई भी प्राइवेट फर्म का कर्मचारी कर वसूली के लिए किसी के घर नहीं जाएगा। अगर कहीं से ऐसी शिकायत आती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि संपत्तिकर की वसूली को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं कि वसूली के लिए निगम के कर्मचारियों के साथ ही कुछ प्राइवेट फर्मों के लोग भी पहुंच रहे हैं। हालांकि ये प्राइवेट लोग नहीं थे बल्कि निगम के लिए काम कर रही अलग-अलग एजेंसियों से जुड़े कर्मचारी थे जिन्हें सर्वे और अन्य कार्यों के लिए लगाया गया था।
नगर आयुक्त ने कहा कि अब किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे इसलिए स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि संपत्तिकर की वसूली का अधिकार केवल निगम के कर अधीक्षकों के पास ही रहेगा। कोई एजेंसी या उसके कर्मचारी वसूली कार्य में शामिल नहीं होंगे।