साहिबाबाद। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नगर निगम प्रति माह करीब 91 लाख रुपये खर्च कर रहा है। बावजूद इसके हर घर से कूड़ा नहीं उठ पा रहा। वसुंधरा निवासी प्रसून पंत द्वारा नगर निगम में लगाई गई आरटीआई के जवाब में नगर निगम ने माना है कि कूड़ा कलेक्शन पर कुल 91 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह भी बताया गया कि केवल 242 वाहन ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और निपटान में लगे हुए हैं, जिसमें 200 वाहन निगम द्वारा किराये पर लिए गए हैं और बाकी 42 निगम के हैं। आरटीआई के जवाब में यह भी बताया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन केवल कचरा स्थानांतरण स्टेशनों तक ही कचरा ले जा रहे हैं, न कि अंतिम कचरा निपटान स्थलों तक। नगर निगम गाजियाबाद शहर में डोर-टू-डोर कचरा डिस्पोजल के लिए प्रति माह 91 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर रहा है, जिसमें प्रत्येक किराये के डोर-टू-डोर वाहन के लिए 45,668 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जा रहा है। इस भुगतान में ईंधन, वाहन रखरखाव और चालक लागत शामिल है। प्रसून पंत का आरोप है कि कूड़ा संग्रहण पर इतना खर्च करने के बावजूद गलियों में कूड़े की गाड़ी नहीं पहुंच पा रही।