स्मार्ट सिटी के तीसरे चरण के लिए शासन ने गाजियाबाद की कंसलटेंट फर्म का नाम तय कर दिया है। शासन ने दोबारा केपीएमजी नाम की फर्म को स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सोमवार को नगर निगम और कंसलटेंट फर्म के बीच एग्रीमेंट हो जाएगा। इसके बाद यह फर्म फिर से प्रपोजल बनाना शुरू करेगी।
दूसरे चरण में केपीएमजी नाम की इसी फर्म ने गाजियाबाद और वाराणसी का स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाया था। इनमें से गाजियाबाद का प्रपोजल असफल रहा, जबकि वाराणसी का नाम स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल हो गया।
लगातार दो बार स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हो जाने पर इस बार महापौर के निर्देशों पर कंसलटेंट फर्म का आंशिक भुगतान रोक दिया गया है। अब कंसलटेंट फर्म दोबारा प्रपोजल तैयार करेगी।
सिर्फ 20 फीसदी होगा भुगतान
बीते साल स्मार्ट सिटी की कंसलटेंट फर्म को बीते साल 34 लाख रुपया दिया जाना था। गाजियाबाद का नाम स्मार्ट सिटी में शामिल नहीं हो पाया। अब शासन ने कंसलटेंट फर्म को नया प्रपोजल बनाने के लिए सिर्फ 20 फीसदी भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यानी इस बार करीब 7 लाख रुपये भुगतान किया जाएगा।
कोट्स
31 मार्च 2017 तक स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करके केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास जमा करना है। कंसलटेंट फर्म के साथ एग्रीमेंट होने के बाद जनता से फीड बैक और नया क्षेत्र तय करके काम शुरू किया जाएगा। - संजय सिंह चौहान, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी मिशन
सोमवार को अधिकारियों के साथ मीटिंग कर स्मार्ट सिटी मिशन की तैयारी के लिए प्लानिंग की जाएगी। चुनाव की वजह से तैयारियों पर असर नहीं पड़ने देंगे। कंसलटेंट फर्म से कोआर्डिनेशन के लिए निगम अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी। - अशु वर्मा, महापौर