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Ghaziabad News: जेल से रची गई थी आरटीआई कार्यकर्ता पर हमले की साजिश, चार गिरफ्तार

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गाजियाबाद। 16 जून को लिंकरोड थाना क्षेत्र की सूर्यनगर, रामप्रस्थ में आरटीआई कार्यकर्ता अमित किशोर जैन पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक अमित किशोर जैन पर हमले की साजिश करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी अनुराग गर्ग ने रची थी। वह अब जेल में बंद है। इसके लिए आरोपियों को पांच लाख रुपये सुपारी देने की बात तय हुई थी।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि नोएडा की एक कंपनी में 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की घटना हुई थी। इस मामले में अमित किशोर जैन सरकारी गवाह है। हाल ही में उसकी ईडी कोर्ट में गवाही होनी थी। इससे पहले 16 जून को अमित किशोर पर अपनी कॉलोनी में पार्क में टहलते वक्त जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। उनकी जान किसी तरह बच गई और दोपहिया सवार आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। सीसीटीवी व अन्य माध्यमों से मिले ठोस साक्ष्यों के आधार पर प्रियांशु तेवतिया निवासी सैन विहार थाना क्रॉसिंग गाजियाबाद, प्रियांशु गौतम उर्फ यशु व अश्वनी उर्फ दिलावर निवासी आंबेडकर नगर भूड, थाना कोतवाली नगर, जनपद बुलंदशहर, अमित यादव निवासी शाहपुर बम्हैटा, थाना वेवसिटी, गाजियाबाद के नाम सामने आए। इनको हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो इन्होंने वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। अश्वनी और अमित यादव को पुलिस ने शनिवार रात को कौशांबी बस अड्डे के पीछे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल, तमंचा आदि भी पुलिस ने बरामद किया है।
अप्रैल में रची थी साजिश, पांच लाख में दी थी सुपारी
डीसीपी ने बताया कि नोएडा में 2017 में लाइक रिव्यू के नाम पर लोगों से 500 करोड़ की धोखाधड़ी हुई थी। इस मामले में नेहरू नगर गली नौचंदी मेरठ का अनुराग गर्ग मुख्य आरोपी है। यह अब इस मामले में डासना जेल में बंद है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि अनुराग गर्ग ने 2013 से 2016 तक लालकुआं से दादरी तक जीटी रोड के आसपास प्रॉपर्टी का काम किया था। वहीं पर अमित यादव ट्रैक्टर से प्लाॅटों में मिट्टी डालने का काम करता था। दोनों की वहीं पर मुलाकात हुई। अप्रैल में जब अनुराग जेल नहीं गया था तो उसने अमित यादव से कहा कि अमित किशोर जैन ने उसकी शिकायत करके करोड़ों रुपये का नुकसान कराया है। संपत्ति सीज कराई है। ईडी में अब उसकी गवाही होने वाली है। इससेे पहले ही उसको खत्म कर दो। इसके लिए तुम्हें पांच लाख दिए जाएंगे। कुछ रकम पहले दे दी। अमित इसके लिए तैयार हो गया। अमित ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने दोस्त प्रियांशु, चचेरे भाई अश्वनी, प्रियांशु तेवतिया को तैयार कर लिया। अमित यादव व प्रियांशु गौतम ने रैकी की और अश्वनी व प्रियांशु ने पार्क में अमित किशोर जैन को गोली मारने की घटना को अंजाम दिया। प्रियांशु तेवतिया के नाम से बुलंदशहर में एक स्कूल भी संचालित है। इसको उसकी मां संचालित करती है। प्रियांशु व अश्वनी अग्निवीर की तैयारी कर रहे थे।
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आरोपियों ने डाउनलोड किया था जंगी एप
डीसीपी ने बताया कि अमित यादव उसके तीनों साथियों ने अपने अपने मोबाइल जंगी एप डाउनलोड़ किया था। ऐसा उन्होंने इसलिए किया कि हर बार एप को मोबाइल में ऑन करने पर एक ई नंबर बनता है। इसको ट्रेस करना भी मुश्किल रहता है। उसी एप के माध्यम से यह लोग आपस में बात करते थे। केवल मिलने की जगह और समय ही बातचीत में बताया जाता था।
रुड़की से बीटेक है अनुराग, दर्ज हैं 56 मुकदमे
अनुराग गर्ग रुड़की आईआईटी से बीटेक है। उस पर लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ के कंकरखेड़ा, दौराला में धोखाधड़ी के कुल 56 मुकदमे दर्ज हैं। कोर्ट के आदेश की अवहेलना में इसकाे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। डीसीपी ने बताया कि अनुराग वेव वर्क ट्रेड लिंक्स लाइक रिव्यू नाम की कंपनी में निदेशक के पद पर था। वह लोगों से पाेंजी स्कीम के तहत निवेश कराकर मोटे मुनाफे का झांसा देकर अपना शिकार बनाता था। दो लाख से ज्यादा लोगों से निवेश के नाम पर पैसा लिया था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए अनुराग ने एक शेडाे कंपनी भी बनाई थी। इसका विज्ञापन बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान व नवाजुद्दीन सिद्दीकी से कराया गया था। इसी चक्कर में लोगों का जुड़ाव बढ़ता चला गया।
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