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बीओटी घोटालों की जांच करेगी निगम की कमेटी

Fri, 22 Apr 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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अवैध होर्डिंग - फोटो : अमर उजाला
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बीओटी पर दिए गए विज्ञापनों में घोटालों की जांच के लिए नगर आयुक्त और महापौर ने दो कमेटी गठित की हैं। नगर आयुक्त ने अफसरों की कमेटी बनाई हैं और महापौर ने पांच पार्षदों की जांच कमेटी का गठन किया है। अब ये दोनों समितियां मिलकर बीओटी पर विज्ञापन करने वाली फर्मों की जांच कर रिपोर्ट महापौर को देंगी।
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‘अमर उजाला’ ने विज्ञापनों के इस घपले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। प्राइवेट फर्म को गुपचुप ठेका दे दिया गया था। वहीं पहले से ठेका ले चुकी फर्म अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर डिवाइडरों, स्ट्रीट लाइटों और ट्रैफिक सिग्नल की मेंटनेंस नहीं करा रही हैं।

इन फर्मों ने अनुमति से ज्यादा यूनिपोल और होर्डिंग्स लगा लिए हैं। ऐसे में अब नगर आयुक्त अब्दुल समद ने अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर इसमें उप नगर आयुक्त एसके तिवारी, कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय, अधिशासी अभियंता संजय चौहान, सहायक  अभियंता विकास कुरील और अवर अभियंता संजय गंगवार को शामिल किया है। महापौर की कमेटी में पार्षद राजेंद्र त्यागी, मोनिका मित्तल, बाबू सिंह आर्य, राजीव भाटी और जाकिर सैफी शामिल रहेंगे।
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निगम बोर्ड बैठक में मीडिया की एंट्री पर लगाई रोक
गाजियाबाद। नगर निगम के घोटाले उजागर हुए तो अब शुक्रवार को होने वाली सदन की बैठक में हंगामे के आसार बन गए हैं। ऐसे में निगम प्रशासन ने अब मीडिया को बैठक से दूर रखने की प्लानिंग की है। महापौर अशु वर्मा ने आदेश जारी कर बैठक की कवरेज के लिए सिर्फ मान्यता प्राप्त पत्रकारों को इजाजत दी है।

सभी पत्रकार अब बैठक में नहीं जा सकेंगे। वहीं कैमरामैनों को भी अब फोटो लेकर तत्काल बैठक से बाहर जाना होगा। यानी अब बैठक में होने वाला हंगामा कैमरे में कैद नहीं हो सकेगा। हालांकि मीडिया ने इसका विरोध किया तो महापौर ने इसमें ढील देने की बात कही है, लेकिन इस बेतुके आदेश को लेकर भी शुक्रवार को बैठक के दौरान मीडियाकर्मियों और वहां तैनात पुलिस में विवाद की आशंका बन गई है।
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