गाजियाबाद। शहर की सड़कों के अंधकार दूर करने के लिए नगर निगम सात करोड़ की राशि खर्च करेगा। निगम के प्रकाश विभाग ने सड़कों का सर्वे भी शुरू कर दिया है। इसमें चौराहों पर करीब 500 हाईमास्क लाइटें भी लगाई जाएंगी। अफसरों का दावा है कि इससे न सिर्फबिजली की बचत होगी, बल्कि रास्तों का अंधेरा भी छंट जाएगा।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि शहर में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर लाइन और पोल ही नहीं है। ऐसी सड़कों पर अंधेरा रहता है और जनता की ओर से लगातार उन स्थानों पर प्रकाश की व्यवस्था की मांग की जाती रही है। इसे देखते हुए अब ऐसे इलाकाें में सोलर लाइट लगाने की योजना बनाई है। जहां पर बिजली की लाइन और खंभे नहीं है। कई जगह से ऊर्जा निगम की हाई वोल्टेज लाइन गुजर रही है और वहां से निगम के खंभों को लाइट का कनेक्शन नहीं मिल रहा है। शुरुआती चरण में सोलर के खंभे सहित 1780 लाइटें लगाने का लक्ष्य है। एक खंभे पर 18 वाट का बल्ब लगाया जाएगा और बैट्री लगाई जाएगी। महापौर ने बताया कि प्रकाश विभाग के अफसरों को खराब लाइटों को तत्काल दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
-चोरी रोकने के लिए बढ़ेगी निगरानी :
सौर ऊर्जा की लाइटों की चोरी रोकने के लिए निगम ने इस बार विशेष निगरानी टीम बनाई है। इसके लिए वार्ड के पार्षद और स्थानीय निवासियों का भी सहयोग लिया जाएगा। इनकी देखरेख का जिम्मा उनको भी सौंपा जाएगा। स्थानीय पुलिस से भी निगम की टीम समन्वय स्थापित करेगी। विदित हो कि नेडा की ओर से लगाई गई अधिकांश लाइटें लगने के छह माह के अंदर चोरी हो गईं। इसका जनता को कोई लाभ नहीं हुआ। शिकायत करने की विभाग की ओर से जरूरत नहीं समझी गई।