गाजियाबाद। मई की तपिश अब लोगों पर भारी पड़ने लगी है। तेज धूप, गर्म पछुआ हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान ने शहरवासियों का जनजीवन बेहाल कर दिया है। शनिवार को दिनभर चली लू और झुलसाने वाली गर्मी के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे।
दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी गर्म हवाओं के थपेड़ों से परेशान नजर आए। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले छह दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है।
अनुमान है कि 17 और 18 मई को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके बाद 19 मई को 42 डिग्री, 20 और 21 मई को 43 डिग्री और 22 मई तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का एहसास होने लगा था, जबकि दोपहर होते-होते लू चलने लगी।
पछुआ हवाओं ने गर्मी की तीव्रता को और बढ़ा दिया। शाम तक गर्म हवाओं का असर बना रहा और लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद यादव का कहना है कि गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पेड़-पौधों पर भी दिखाई देने लगा है। दिन में लगातार चल रही गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण पौधे झुलसने लगे हैं।
पार्कों और घरों की छतों पर रखे गमलों में लगे पौधों की पत्तियां सूखने लगी हैं। पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल दिखाई दे रहे हैं। पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।