गाजियाबाद। जिलाधिकारी के जनसुनवाई की निगरानी लखनऊ से मुख्यमंत्री ने की और जिले से सभी अधिकारियों के जनसुनवाई की निगरानी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने की। डीएम कार्यालय के अंदर लगे स्क्रीन से लखनऊ से मॉनिटरिंग होती रही। वहीं जिलाधिकारी ने टैबलेट के जरिये अन्य अधिकारियों को जोड़कर रखा। जनसुनवाई के दौरान जिले के जो अधिकारी देर से जुड़े उनपर नाराजगी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि मोबाइल या एप में जो भी समस्या है वह एक दिन में ठीक कर लिया जाए और शनिवार से समय पर सभी अधिकारी जुड़े रहेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी सुबह 10:00 से 12:00 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करेंगें और मेरे साथ जूम एप पर जुड़ें रहेंगे। जिससे जनता दर्शन में आई शिकायतों का संबंधित अधिकारी तत्काल निस्तारण करा सकेंगे। इस दौरान दिव्यांगजनों की शिकायतें, शस्त्र लाइसेंस, पीएम सूर्यघर योजना सहित जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें आईं। इस दौरान प्रताप विहार से पहुंचे नरोत्तम सिंह ने बताया कि उनका प्रतापविहार में खोखा था, जिसको नगर निगम की टीम ने तोड़ दिया। वह काफी परेशान हैं और खोखा दिलवाने की मांग करने आए हैं। एक और दिव्यांग जो प्रतापविहार निवासी थे, उनकी भी यही मांग थी कि उनको खोखा दिलवाया, जिससे वह अपने परिवार का पालनपोषण कर सकें। इसके अलावा लाल कुआं निवासी दीपा नामक महिला ने भी पैरों में पानी भरने की समस्या बताते हुए इलाज में मदद की मांग की। जिलाधिकारी ने एप से जुड़े सीएमओ को निर्देश दिया कि वह महिला का इलाज कराएं। लोनी निवासी प्रदीप ने बताया कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा था, जिसके लिए पिछले 20 वर्ष से परेशान था। अबकी बार यहां शिकायत के बाद इसका निस्तारण हो गया है। इसके लिए धन्यवाद देने आया हूं। जनसुनवाई के दौरान एडीएम एलए अवनीश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. सन्तोष कुमार उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।