गर्मी बढ़ने के साथ ही जल जनित रोगों की समस्या बढ़ने लगती है। इसको देखते हुए मलेरिया विभाग स्कूलों के पानी के सैंपल की जांच का अभियान चलाएगी। इसके अलावा जिन स्कूलों में हैंडपंप लगे हुए हैं उनके पानी की भी जांच कराई जाएगी।
जिन हैंडपंपों के पानी के सैंपल फेल पाए जाएंगे जो पीने लायक नहीं होंगे उन हैंडपंपों को बंद कराया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि इससे पहले भी कुछ हैंडपंपों के पानी की केमिकल जांच कराई गई थी पानी दूषित आने पर उनको बंद कराया गया था। अप्रैल के अंत में अन्य स्कूलों के पानी के सैंपल की जांच का अभियान शुरू किया जाएगा।