इंदिरापुरम। वसुंधरा सेक्टर-12 में फ्लैट बेचने के बहाने दिल्ली निवासी सुदीप रस्तोगी से लोन में 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उन्होंने बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरे मामले में टीलामोड़ में कई महिलाओं को सरकारी योजनाओं में मुनाफे का लालच देकर चार लाख 70 हजार रुपये की ठगी हुई है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
दिल्ली के रहने वाले सुदीप ने बताया कि उन्होंने वसुंधरा सेक्टर-12 में फ्लैट के लिए बिल्डर से वार्ता की थी। फ्लैट की कीमत 76 लाख 8 हजार रुपये बताई थी, जिसमें से उन्होंने बिल्डर को 12.50 लाख रुपये विभिन्न मद में जमा कराए थे। इसके बाद बिल्डर ने उनसे 61 लाख रुपये का लोन कराने के लिए कागजात लिए थे। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि बिल्डर ने धोखाधड़ी करके उनके नाम पर 73 लाख 54 हजार रुपये का लोन करा लिया। बावजूद इसके कई सालों तक उन्हें फ्लैट नहीं दिया। अब पैसे मांगने पर आरोपी उन्हें धमकी देता है।
वहीं, पसौंडा निवासी नईम ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले जमशेद और शाहिदा लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिखाकर ठगी करते हैं। दोनों ने उनकी पत्नी से बेटी की शादी के नाम पर 26 हजार रुपये ठग लिए। दिल्ली के मंडोला की पार्वती देवी को भी उनकी चार बेटियों की शादी कराने का झांसा देकर योजना के नाम पर तीन लाख 20 हजार रुपए ठग लिए। पड़ोस के ही सहरोज से 50 हजार रुपये, रुकसाने से 24 हजार व नौ अन्य लोगों से चार लाख 70 हजार रुपये ठग लिए। शाहिदा नाम की महिला लोगों के घर जाकर जमशेद को सरकारी फील्ड अफसर बताकर ठगी करती थी। सभी का आरोप है कि सिकंदरपुर चौकी प्रभारी ने शिकायत के बावजूद उनकी मदद नहीं की। एसीपी साहिबाबाद भास्कर वर्मा का कहना है कि दोनों मामलों की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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