गाजियाबाद। तीन अक्तूबर 2025 को इंदिरापुरम के प्रह्लादगढ़ी में संदिग्ध परिस्थिति में हुई गर्भवती की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मृतका के भाई की अपील पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कब्र से निकालकर गर्भवती के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए हैं। इसकी रिपोर्ट के आधार पर इंदिरापुरम पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, निहार विहार (दिल्ली) निवासी फहीम सैफी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी बहन उजमा सैफी का विवाह 23 फरवरी 2024 को प्रह्लादगढ़ी निवासी साजिद सैफी से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
तीन अक्तूबर 2025 को उन्हें सूचना मिली कि उजमा घर में बेहोश पड़ी है। परिजन ससुराल पहुंचे तो शव को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था। प्रार्थी का आरोप है कि उनकी बहन गर्भवती थी और उसके पेट में पल रहे बच्चे सहित उसकी हत्या की गई है। इस संबंध में थाने में तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत की शरण ली।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। साढ़े चार माह बाद गर्भवती का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि कोर्ट के आदेश का जल्द पालन किया जाएगा।