गंगनहर बंदी के दौरान इस बार भी टीएचए और नोएडा की कालोनियों के लिए गंगाजल स्टोर नहीं हो सकेगा। सिंचाई विभाग का मसूरी के पास गंगनहर में रेग्यूलेटर (गेट) लगाने का प्रोजेक्ट दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। छह महीने से इसका निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में एक महीने के गंगनहर क्लोजर के दौरान दोनों क्षेत्रों में पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
सिंचाई विभाग ने दिल्ली की जलापूर्ति के लिए मुरादनगर में गेट बनाया हुआ है। गंगनहर बंद होते ही यह गेट बंद कर दिया जाता है। गंगनहर बंदी के बावजूद करीब 10 से 12 दिन तक दिल्ली को पानी की आपूर्ति मिलती रहती है। इसी तरह टीएचए और नोएडा की कालोनियों के लिए गंगनहर में गेट बनाया जाना है।
नोएडा अथॉरिटी और जीडीए ने इसके लिए करीब साढ़े चार करोड़ की फंडिंग की है। सिंचाई विभाग ने गेट बनाने के लिए सिविल वर्क पूरा कर लिया है। अब लोहे के गेट लगाए जाने हैं, लेकिन जल निगम और सिंचाई विभाग के बीच यह प्रोजेक्ट फंस कर रह गया है। लगभग छह महीने से इसका काम बंद है।
जल निगम इसके लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार बता रहा है तो सिंचाई विभाग का कहना है कि जल निगम फंड रिलीज नहीं कर रहा। दोनों विभागों की खींचतान में खामियाजा नोएडा और टीएचए के लाखों लोगों को भुगतना पड़ेगा।
अधिकारी बोले
गंगनहर रेग्यूलेटर निर्माण के लिए 4.5 करोड़ में से 2.5 करोड़ रुपया सिंचाई विभाग को जारी कर दिया गया है। अब सिंचाई विभाग लोहे के गेट लगाने का काम शुरू करे तो उसे बाकी पैसा भी रिलीज कर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग की देरी से गेट का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। इस बार भी नहर में गंगाजल स्टोर नहीं हो पाएगा। - आरके अग्रवाल, गंगाजल प्लांट प्रभारी
जल निगम को गेट लगाने से पहले पैसा जारी करना था। बीते साल नवंबर महीने में जल निगम को पत्र भेजकर पैसा मांगा गया था। अभी तक पैसा नहीं दिया गया। इसकी वजह से गेट नहीं लग पाए हैं। फंड मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। - अरविंद यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग