एनआरएचएम घोटाले के एक मामले में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई सीबीआई इंस्पेक्टर के न आने से टल गई। इंस्पेक्टर मनोज कुमार को इस मामले में बयान दर्ज कराने थे, मगर दिल्ली की एक कोर्ट में किसी अन्य मामले में गवाही होने के चलते वह कोर्ट में पेश नहीं हो सके। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने अब 4 अक्तूबर की तारीख नियत की है।
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा के अनुसार एनआरएचएम घोटाले से संबंधित इस मामले में पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम के अलावा यूपीएसआईडीसी के पूर्व निदेशक अभय कुमार वाजपेयी, संजीव कुमार, मुरादाबाद के दवा कारोबारी सौरभ जैन और विवेक जैन आरोपी हैं।
उन्होंने बताया कि सीबीआई इस मामले में अपने 40 गवाहों के बयान पूरे करा चुकी है। शुक्रवार को मामले के जांच अधिकारी रहे सीबीआई इंस्पेक्टर मनोज कुमार की गवाही होनी थी, मगर उनकी दिल्ली कोर्ट में व्यस्तता के चलते वह गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में पेश नहीं हो सके। ऐसे में विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई के लिए अब 4 अक्तूबर की तारीख नियत की है।
दवा कारोबारी रईस आलम को भगौड़ा घोषित करने की कार्रवाई के आदेश
एनआरएचएम घोटाले में फंसे महाराजगंज के दवा कारोबारी रईस आलम की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को भी सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने रईस आलम के खिलाफ भगौड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई का आदेश दे दिया।
बता दें कि एक दिन पूर्व भी एनआरएचएम के ही एक मामले में रईस आलम के खिलाफ कोर्ट ने भगौड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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दवा कारोबारी कोर्ट में नहीं हुआ पेश, कोर्ट सख्त
एनआरएचएम घोटाले के चार मामलों में जमानत पर चल रहे दवा कारोबारी संजय अग्रवाल के कोर्ट में पेश न होने पर कोर्ट सख्त हो गई है। शुक्रवार को चार मामलों में संजय अग्रवाल को पेश होना था, मगर चारों ही मामलों में उसने अपनी हाजिरी माफी की अर्जी कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से पेश की थी।
इस पर कोर्ट ने आरोपी को अंतिम मौका देते हुए सख्ती भरे लहजे में कहा है कि आगामी तारीख पर भी अगर वह कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। सुनवाई के लिए 27 अक्तूबर की तारीख नियत की है।