गुरु जी के रिटायर होने पर नगर क्षेत्र के दो स्कूलों पर ताला लग गया है। वहीं, कई अन्य स्कूल भी बंद होने के कगार पर हैं। इन स्कूलों में मात्र एक-एक शिक्षक ही बचे हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बयाना और उच्च प्राथमिक विद्यालय दुहाई में बच्चों को पढ़ा रहे इकलौते हेडमास्टर 31 मार्च को रिटायर हो गए।
इसके बाद इन दोनों स्कूलों में किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में नया सत्र शुरू होने के बावजूद दोनों स्कूल अब तक नहीं खुले हैं। नगर क्षेत्र में कुल 37 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
इनमें से चार विद्यालय ऐसे हैं जहां इस वर्ष शिक्षकों के रिटायर होने के बाद न तो कोई नई नियुक्ति हुई और न ही प्राइमरी से शिक्षकों को प्रमोट कर यहां भेजा गया है। विभाग ने कागजी तौर पर तो इन स्कूलों को चलाने के लिए प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को अटैच कर दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सप्ताह में तीन दिन ये स्कूल खुलते हैं तो सिर्फ बच्चों को मिड डे मील खिलाने के लिए।
क्या बोले बीएसए
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में भी शिक्षक पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। अंतर्जनपदीय तबादलों का इंतजार किया जा रहा है। इससे व्यवस्था बनाई जाएगी।
- डा. प्रवेश यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
इन स्कूलों में हैं महज एक अध्यापक
बम्हैटा, अर्थला, मोरटा, रजापुर, राइटगंज और सुभाषनगर पूर्व माध्यमिक विद्यालय