ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (टीसी) ने मोटर ड्राइविंग ट्रैक के लिए मोदीनगर क्षेत्र के निवाड़ी में मिली जमीन को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन से शहर क्षेत्र में ही पांच एकड़ जमीन दिलवाने की मांग की है।
मोटर व्हीकल एक्ट में किसी को भी डीएल देने से पहले उसका वाहन संचालन परीक्षण करने का प्रावधान है। नियमानुसार आरटीओ आफिसों में एक ड्राइविंग ट्रैक होना चाहिए। इस पर आरआई कैमरों की निगरानी में आवेदकों से वाहन चलवा कर देखते हैं।
वाहन संचालन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही डीएल दिया जाता है। परिवहन अफसरों ने भी बिना टेस्ट के डीएल जारी करने पर रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद सूबे के ज्यादातर जिलों में टेस्टिंग ट्रैक नहीं हैं। ऐसे में बिना वाहन चलाकर दिखाए ही डीएल दिए जा रहे हैं।
एनसीआर के जनपदों में ज्यादा हादसे होने के चलते ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने टेस्टिंग ट्रैक बनाने के आदेश दिए हुए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। जिला प्रशासन ने मोदीनगर क्षेत्र के निवाड़ी गांव में पांच एकड़ जमीन ट्रैक बनवाने को पिछले दिनों दी थी।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने आरटीओ आफिस से करीब 20 किमी दूर स्थित उक्त जमीन को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने डीएम से नए शहर क्षेत्र में जमीन देने की मांग की है। डीएल लेने वाले आवेदकों की सुविधा के लिए बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया या आरडीसी में जमीन मांगी गई है।
आरटीओ केपी गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन ट्रैक के लिए जमीन देने को गंभीर है। जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। ट्रैक बनवाने के लिए विभाग ने बजट उपलब्ध करा दिया है।