गंभीर हालत के बावजूद टीबी मरीज को भर्ती न करने और उसे बिना इलाज ही लौटने के मामले को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। आरोपी डॉ. चंद्रप्रकाश को जिला एमएमजी से हटाकर डासना पीएचसी पर तैनात किया गया है।
मरीज को बिना इलाज ही वापस करने संबंधी इस खबर को अमर उजाला ने 18 मई के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।ज्ञात हो कि 18 मई को सामान्य टीबी से ग्रसित एक मरीज को गंभीर हालत में उसके परिजन जिला एमएमजी अस्पताल लेकर गए थे।
जब वह क्षय रोग विभाग में चेकअप कराने गया तो संबंधित डॉक्टर ने वार्ड न होने की बात कहकर उसे डांटकर भगा दिया। जबकि नियमानुसार मरीज को भर्ती न करने की दशा में भी अच्छे व्यवहार के साथ ही उसका मार्गदर्शन किया जाना चाहिए था।
सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि टीबी डिपार्टमेंट में तैनात डॉ. चंद्र प्रकाश के बारे में पहले भी कई शिकायतें आई थीं कि वह मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। उनका ट्रांसफर टीबी विभाग में डासना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया है।
साथ ही यहां तैनात डॉ. प्रदीप यादव को पुलिस चिकित्सालय भेज दिया गया है। प्रदीप ने स्वयं ही ट्रांसफर का अनुरोध किया था। दोनों ही चिकित्सा अधिकारियों को ट्रांसफर के संबंध में सीएमओ कार्यालय से लेटर भेज दिया गया है।