गाजियाबाद। राज्यकर विभाग की टीम ने शहर की दो फर्मों पर छापा मारकर कम टर्नओवर दर्शाने, कर चोरी और अधिक आईटीसी का क्लेम करने का मामला पकड़ा है। सोमवार से मंगलवार की आधी रात के बाद तक चली अलग-अलग कार्रवाई में इन फर्मों से 6.25 करोड़ रुपये की धनराशि माैके पर वसूली गई है। टीम ने पहली फर्म की जांच एक साथ चार जिलों में एक ही समय पर की। वहीं, दूसरी फर्म के शहर में स्थित कार्यालय में जांच की गई।
टीम ने नेहरूनगर स्थित दूषण पॉवर सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे छापा मारा। इसके साथ इसी फर्म के सोनभद्र, अलीगढ़ और एटा स्थित कार्यालय में भी टीमें पहुंचीं। अपर आयुक्त ग्रेड द्वितीय एसआईबी रामकेश्वर ने बताया कि गाजियाबाद में रात एक बजे तक चली जांच में सामने आया कि थर्मल पावर प्लांट का निर्माण करने वाली यह फर्म कई वर्षों से कम टर्नओवर प्रदर्शित कर रही थी। इसकी वजह से इसकी बिक्री का भी अंदेशा नहीं लग रहा था। इसके बावजूद फर्म अस्वीकार्य आईटीसी का लाभ ले रही थी।
जांच में टीम ने मौके पर ही शुरुआती आकलन कर 9.28 करोड़ रुपये का आईटीसी क्लेम होना पाया। अधिकारियों ने यहां सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। अब फर्म संचालक के सामने दस्तावेजों की सील खोलकर आगे का आकलन किया जाएगा। फर्म संचालक की ओर से मौके पर कुल पांच करोड़ रुपये जमा करा दिए गए हैं।
वहीं, सोमवार को हुई कार्रवाई के तहत राजनगर एक्सटेंशन स्थित अर्बन कंस्ट्रक्टर पर टीम ने छापा मारा। यह फर्म रियल इस्टेट कार्य से जुड़ी है। यहां पांच घंटे चली जांच में पता चला कि फर्म की ओर से विला, दुकानों व बैंक्वेट हाॅल का निर्माण कार्य गत तीन वर्षों से किया जा रहा है। इसके एवज में बुकिंग धनराशि पहले ली गई है लेकिन सप्लाई शून्य घोषित की जा रही है। पाया गया कि व्यापार स्थल पर एक अन्य फर्म गोयल फ्लेक्सिबल पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड भी बुकिंग के बदले में ग्राहकों से धनराशि ले रही है। इससे विभाग को कर का चूना लगाया जा रहा है। टीम ने सभी दस्तावेजों को सील बंद कर दिया है। इस दौरान फर्म संचालक से 1.25 करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराई गई। टीम अन्य गड़बड़ियां पकड़ने के लिए अभी दस्तावेजों का आकलन कर रही है। शहर में दोनों फर्मों की जांच करने वाली टीम में उपायुक्त राकेश सिंह, सहायक आयुक्त रविंद्र नाथ सिंह, कर निर्धारण अधिकारी विनोद कुमार दुबे, रियाजुद्दीन अंसारी शामिल रहे।