गाजियाबाद। गुलधर स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर (एडीटीसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले होने वाले टेस्ट में गड़बड़ी के अंदेशे के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। अब दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के मध्य एडीटीसी पर हुए टेस्ट और जारी किए गए 32 हजार से अधिक लाइसेंस जांच के दायरे में हैं। गंभीर यह कि जनवरी से रोजाना करीब 200 लाइसेंस जारी करने वाला सेंटर जांच के आदेश के बाद अचानक रोजाना 10 आवेदनों तक सिमट गया है। इनमें भी पास होने वालों की संख्या दो-तीन ही रह गई है। गुलधर में एडीटीसी की शुरुआत दो दिसंबर 2025 को हुई थी। सेंटर शुरू करते समय दावा किया गया था कि लाइसेंस के लिए आवेदक को सेंसरयुक्त कंप्यूटरीकृत व्यवस्था में टेस्ट देना होगा। दोपहिया, चार पहिया और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग ट्रैक बनाए गए थे।
शुरुआत में 95 प्रतिशत आवेदक हो रहे थे फेल, जनवरी से बदली तस्वीर
यह टेस्ट काफी सख्त है। यह अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दिसंबर के पहले तीन सप्ताह में रोजाना महज तीन-चार लाइसेंस ही जारी हो पा रहे थे और 95 प्रतिशत से अधिक आवेदक टेस्ट में फेल हो रहे थे। जनवरी 2026 से एडीटीसी पर लाइसेंस जारी होने की रफ्तार अचानक बढ़ गई। फेल होने वाले आवेदकों की संख्या 10 से नीचे आ गई और अधिकांश आवेदकों के टेस्ट में पास होने का दावा किया जाने लगा। रोजाना करीब 200 लाइसेंस जारी होने लगे। अगस्त के मध्य तक यह आंकड़ा 32 हजार से अधिक पहुंच गया। अब शासन से जांच के आदेश मिलने के बाद पिछले करीब 15 दिनों में तस्वीर फिर बदल गई है। रोजाना आवेदन घटकर करीब 10 रह गए हैं और इनमें भी केवल दो-तीन आवेदक ही टेस्ट में पास हो रहे हैं। इसी बदलाव ने एडीटीसी की पूरी टेस्ट प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग से खुलेगा टेस्ट का राज एडीटीसी पर सिम्युलेटर टेस्ट की वीडियोग्राफी कराकर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्रत्येक टेस्ट की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग पोर्टल पर अपलोड हुई या नहीं। टेस्ट के दौरान कैमरे बंद तो नहीं किए गए। सेंटर के पुराने रिकॉर्ड और टेस्ट प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जाएंगे। यह भी देखा जाएगा कि सेंटर शुरू होने के शुरुआती दिनों में फेल होने वालों की संख्या इतनी अधिक क्यों थी और बाद में अचानक इसमें इतनी कमी कैसे आई। शासन के आदेश के बाद लाइसेंस जारी होने की संख्या में फिर आई गिरावट भी जांच का अहम बिंदु होगी। सेंटर संचालक को पुराना रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सहारनपुर में गड़बड़ी के बाद बंद हो चुकी है एडीटीसी व्यवस्था
सहारनपुर में भी एडीटीसी व्यवस्था शुरू की गई थी। वहां फर्जी टेस्ट कराने की शिकायत सामने आने के बाद जांच हुई। इसके बाद शासन ने एडीटीसी व्यवस्था बंद करने के आदेश दिए और दोबारा आरआई के स्तर पर टेस्ट लेकर पास-फेल की व्यवस्था लागू कर दी गई।
जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
- दिसंबर 2025 से अब तक हुए टेस्ट की प्रक्रिया।
- 32 हजार से अधिक जारी लाइसेंस का रिकॉर्ड।
- सिम्युलेटर टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग।
- टेस्ट के दौरान कैमरों के संचालन की स्थिति।
- जनवरी के बाद अचानक कैसे बढ़ी पास होने वालों की संख्या।
- जांच के आदेश के बाद आवेदनों और पास होने वालों की संख्या में आई गिरावट।
- सेंटर के पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति।
- एडीटीसी की जांच के आदेश मिले हैं। सेंटर पर अब तक कितने लाइसेंस जारी हुए हैं, इसका डाटा तैयार कराया जा रहा है। जांच की प्रक्रिया थोड़ी लंबी है, इसलिए इसमें समय लगेगा। सेंटर पर मौजूद संसाधनों और पुराने रिकॉर्ड का अध्ययन कर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-प्रमोद कुमार सिंह, आरटीओ प्रशासन, गाजियाबाद
(संवाद)