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संडे को और लंबी हो गई लाइन

Sun, 13 Nov 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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500 व 1000 के नोट बंद किए जाने के बाद बैंकों में स्थिति संभल नहीं रही है। रविवार को छुट्टी होने के कारण बैंकों के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह 8 बजे से ही लोग लाइन लगाकर खड़े हो गए थे। दूसरी ओर रविवार को नवयुग मार्केट में लगने वाला पैठ बाजार भी नहीं लगा। लोगों की भीड़ के आगे बैंक भी बेबस हो गए।
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कई बैंकाें में दोपहर को ही कैश खत्म हो गया।संजय नगर, कविनगर, राजनगर, नवयुग मार्केट, अंबेडकर रोड, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, लोहिया नगर, पटेल नगर, जीटी रोड स्थित विभिन्न बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुईं थीं। जैसे ही बैंक खुले वैसे ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

पुलिसकर्मी और बैंक अधिकारियों ने लोगों को समझा कर काउंटर शुरू कराए। चूंकि बैंकों में 100 के नोट की शार्टेज हो गई, ऐसे में अधिकांश बैंकों ने 2000 रुपये का नोट बांटा। नवयुग मार्केट स्थित बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक में कैश खत्म होने पर नोटिस चस्पा कर दिया गया।
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बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर अनिल कुमार जैन ने बताया कि बैंक की मेरठ में करेंसी चेस्ट है। वहां से रुपये न आने के कारण कैश नहीं बंट सका। दूसरी ओर प्रताप विहार, विजय नगर, आरडीसी में भी कई बैंक ों में कैश समय से पहले ही खत्म हो गया।

उधर, एसबीआई के रीजलन मैनेजर एसके गोयल ने बताया कि  एसबीआई की सभी ब्रांच में पर्याप्त कैश है। लोगों की जरूरत के हिसाब से कैश बांटा जा रहा है। लोग पैनिक स्थित पैदा न करके यदि अपने अकाउंट में पैसे जमा कराएं तो उन्हें एक बार में ही 10 हजार रुपये मिल जाएगा।

चौथे दिन भी बैंकों के एटीएम लोगों का साथ नहीं दे पाए। शहर के अधिकांश बैंकों के एटीएम बंद रहे। इस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संजय नगर में तो किसी भी बैंक का एटीएम काम नहीं कर रहा था। सभी एटीएम के शटर गिरे हुए थे।

हालांकि शहर के कुछ इलाकों में एटीएम से कैश निकल रहा था लेकिन वहां भी लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई, सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक के अलावा मेरठ रोड स्थित एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंकों के एटीएम से भी 100-100 रुपये के कैश निकले।

लोगों की परेशानी को देखते हुए व्यापारी नेता एसएन अग्रवाल ने अपने संगठन के सदस्यों के साथ बैंकों के बाहर पहुंचकर पानी पिलाया। एसएन अग्रवाल का कहना है कि लोग अपना सारा कामकाज छोड़कर सिर्फ नोट बदलने के लिए पहुंच रहे हैं। मौके पर बैंक प्रबंधन द्वारा पानी की भी व्यवस्था नहीं की गई है।


नोट बदलने को हेड पोस्ट ऑफिस के बाहर सुबह 5 बजे ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। जब सुबह साढ़े दस बजे पोस्ट ऑफिस का मेन दरवाजा खोला गया तो भीड़ टूट गई। अचानक भीड़ जब अंदर पहुंची तो बहुत से लोग जो लाइन में पीछे लगे हुए थे, वे आगे हो गए और जो आगे थे वो पीछे हो गए। ऐसे में लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई।

महिलाओं में तो हाथापाई तक  नौबत पहुंच गई। किसी तरह पुलिस ने बीच बचाव किया। व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस के साथ सिविल डिफेंस वालिंटियर भी मौके पर मौजूद रहे।
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