शहरवासियों को मेट्रो और एलिवेटेड रोड की सौगात अब समय से मिल जाएंगी। इन दोनों प्रोजेक्ट के बीच में आ रही हाईटेंशन लाइन को पावर कारपोरेशन ने शिफ्ट कर दिया है। पहले मात्र 34 मीटर की ऊंचाई से गुजरने वाली इस एचटी लाइन को तीन ट्रांसमिशन टावर के माध्यम से अब 58 मीटर ऊंचा कर दिया है। जीटी रोड, मेट्रो ट्रैक, हिंडन नदी और एलिवेटेड रोड के भी ऊपर इस एचटी लाइन को शिफ्ट किया गया है।
दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा तक आने वाला मेट्रो प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। दिसंबर 2017 तक इस रूट पर मेट्रो दौड़ाए जाने की योजना है। इसके साथ ही यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन के बीच वाहनों को रफ्तार देने वाली एलिवेटेड रोड का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
माना जा रहा है कि अप्रैल 2017 तक एलिवेटेड रोड बन जाएगी। विकास के इन दोनों ही महत्वपूर्ण कार्यों के बीच हाईटेंशन लाइन आ रही थी। इसी के चलते हिंडन नदी के पास मेट्रो और एलिवेटेड रोड के प्रोजेक्ट को ब्रेक लगे हुए थे।
अब पावर कारपोरेशन ने तीन दिन का ब्रेक डाउन लेकर इस प्वाइंट से गुजर रही 34 मीटर ऊंची 220 केवीए की एचटी लाइन को 58 मीटर तक ऊंचा कर दिया है। इसके लिए यहां हिंडन विहार, साईं उपवन और इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क में तीन ऊंचे ट्रांसमिशन टावर लगाए गए हैं।
इसके साथ ही यह तीन टावर शहर के सबसे ऊंचे टावर होने का खिताब पा गए हैं।शिफ्ट की गई एचटी लाइन मेट्रो प्रोजेक्ट, जीटी रोड, हिंडन नदी, एलिवेटेड रोड और प्रस्तावित रैपिड रेल के ऊपर से होकर गुजरेगी।
तीन दिन की कड़ी मशक्कत केबाद शिफ्ट हुई लाइन
58 मीटर के बिजली पोल पर 220 केवीए की एचटी लाइन शिफ्ट करने में पावर कारपोरेशन की टीम को तीन दिन काफी मशक्कत करनी पड़ी। शहर के सबसे ऊंचे टावर पर एचटी लाइन खींचना ही सबसे ज्यादा सिरदर्दी भरा रहा। इसमें कारपोरेशन के आला अधिकारियों के साथ पूरा अमला तीन दिन तक जुटा रहा। टीम ने तय डेडलाइन में ही लाइन शिफ्ट कर दी।
ऑपरेशनल हो गई एचटी लाइन
अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन यतेंद्र कुमार ने बताया कि एलिवेटेड रोड के पास शिफ्ट की गई 220 केवीए की एचटी लाइन ऑपरेशनल हो गई है। इसके साथ ही शटडाउन खत्म होने के साथ ट्रांस हिंडन में बिजली की समस्या खत्म हो गई है। 58 मीटर के बिजली टावर पर एचटी लाइन को शिफ्ट किया गया है।