गाजियाबाद। लाठीचार्ज के मुद्दे पर शनिवार को कचहरी में जुटे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी के वकीलों की महापंचायत में अहम फैसले लिए गए। इनमें वादकारियों के लिए सबसे राहत भरा यह रहा कि वकील सोमवार से न्यायिक कार्य करेंगे। चार नवंबर से चली आ रही हड़ताल 24 नवंबर यानी आठ दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। हालांकि, जिला जज की कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। महापंचायत में प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर हो रहे उप चुनाव का बहिष्कार करने का भी प्रस्ताव पास किया गया।
गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने महापंचायत में पास किए गए प्रस्ताव के बारे में बताया कि 29 अक्तूबर को लाठीचार्ज करने के दोषी पुलिसकर्मियों और जिला जज अनिल कुमार पर कार्रवाई के लिए 24 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वकील धरना प्रदर्शन करेंगे। 29 नवंबर को पूरे राज्य के वकील उच्च न्यायालय में एकत्र होकर जुलूस निकालेंगे और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे।
1500 से ज्यादा वकील जुटे
(बार ने किया दावा)
बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि महापंचायत में यूपी के सभी जिलों की बार से प्रतिनिधि आए। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से बड़ी संख्या में वकील पहुंचे। महापंचायत में आए वकीलों की संख्या 1500 से ज्यादा रही। सभी ने 29 अक्तूबर को जिला जज की कोर्ट में वकीलों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की।
वादकारियों के हित में लिया फैसला
(अध्यक्ष ने बताई वजह)
चार नवंबर से चली आ रही हड़ताल को आठ दिन के लिए स्थगित किए जाने के फैसले पर बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि वादकारियों की समस्या को देखते हुए ऐसा किया गया है। गाजियाबाद कचहरी में रोज 10 हजार केस सुनवाई के लिए लगते हैं। हड़ताल 22 जिलों में चल रही थी। इससे मुकदमों से संबंधित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन, मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।