एमएमजी अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर की पिटाई के मामले में बयान दर्ज करते बजरिया चौकी के एसओ। संवाद
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में नर्सिंग आफिसर की पिटाई करने व स्टाफ नर्स के साथ अभद्रता के मामले को लेकर सोमवार को प्रस्तावित हड़ताल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की पहल और पुलिस की कार्रवाई के बाद टल गई। अस्पताल प्रशासन के हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों के हित को देखते हुए काम पर लौटने का फैसला किया, जिससे अस्पताल की सभी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
आठ जुलाई को हुई पिटाई व अभद्रता की घटना के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग स्टाफ ने शनिवार को हड़ताल की थी। कर्मचारियों का आरोप था कि घटना की आरोपी महिला की गिरफ्तारी नहीं होने से उनमें रोष है। इसी को लेकर सोमवार से दोबारा हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। सोमवार सुबह पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और डॉक्टर चरण सिंह और डॉ. एके दीक्षित की मौजूदगी में पुलिस ने बयान दर्ज किया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी। अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करीब 11 बजे संबंधित महिला अस्पताल पहुंची और नर्सिंग स्टाफ से माफी मांगी। इसके बाद माहौल सामान्य होने लगा और कर्मचारियों ने विरोध समाप्त कर दिया। ओपीडी, वार्ड, पंजीकरण काउंटर और अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित हुईं, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। साथ ही मरीजों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से भविष्य में भी सेवाएं सुचारू बनाए रखने और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने की अपील की है।