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उम्मीद का उजियारा: कोरोना को मात देकर दोगुनी ऊर्जा से दूसरों की मदद में जुटे

Sat, 02 Jan 2021 04:33 PM IST
प्राची प्रियम निशा ठाकुर, साहिबाबाद
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कोरोना को मात देकर दोगुनी ऊर्जा से दूसरों की मदद में जुटे - फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 2020 यूं तो लगभग हर किसी को जिंदगी की कुछ न कुछ ऐसी कड़वी यादें देकर गया है, जिसे लोग कभी भुला नहीं सकते। मगर ये साल इंसानियत की परीक्षा के रूप में भी अहम रहा है। विश्व स्तर पर फैली बीमारी ने न जाने कितने लोगों का घर और नौकरी छीन ली। 
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ऐसे में इंसानियत का ही एक ऐसा रिश्ता था जिसकी ओर लोग आशा भरी निगाहों से देख रहे थे और लोगों ने इस परीक्षा को न सिर्फ पास किया बल्कि अव्वल भी रहे। जब लोग घरों से निकलने तो क्या अपनों से मिलने को भी तैयार नहीं थे, ऐसे में हमारे समाज में कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने खुद की परवाह किए बगैर लोगों की सहायता की जिम्मेदारी निभाई। हम यहां गाजियाबाद के ही ऐसे लोगों से आपको परिचित करा रहे हैं, जो समाजसेवा करते हुए न सिर्फ कोरोना संक्रमित हुए बल्कि स्वस्थ होते ही फिर समाजसेवा में जुट गए।

पूरा परिवार हुआ संक्रमित, ठीक हुए तो छह बार डोनेट कर चुके हैं प्लाज्मा एंजेल मरक्यूरी सोसायटी के निवासी व एओए के सचिव अवनीश झा कोविड के पहले दौर में ही कोरोना से संक्रमित हो गए थे। यही नहीं अवनीश के साथ ही उनका पूरा परिवार इस बीमारी से संक्रमित हो गया। 
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परिवार में उनके साथ उनकी दादी, पापा, मम्मी, पत्नी और यहां तक कि उनके दोनों बच्चे भी बीमारी से संक्रमित हो गए। अवनीश बताते हैं कि वह घर पर ही आईसोलेट हुए लेकिन उनकी दादी जो कि 90 वर्षीय हैं, एक माह तक आईसीयू में भर्ती रही थीं। 

कोरोना से ठीक होने के बाद ही अवनीश ने अपनी सोसायटी में जागरूकता मुहिम चलाई। लगातार लोगों को ऑनलाइन और फोन पर इस बीमारी के प्रति जागरूक करते और पीड़ित लोगों से लगातार संपर्क में रहकर उन्हें सकारात्मक करते रहते। अवनीश न केवल जागरूकता अभियान चला रहे हैं बल्कि अब तक छह बार अपना प्लाज्मा दान कर चुके हैं। 

वह अपने इस अहम कार्य से न केवल अपनी सोसायटी बल्कि अहिंसाखंड और इंदिरापुरम में अपनी पहचान बना चुके हैं। अवनीश का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। दिसंबर में ही उन्होंने दो दिन प्लाज्मा डोनेट किया। छह दिसंबर के बाद 28 दिसंबर को भी अवनीश ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया है।

 

कैंप लगाते हुए हो गए संक्रमित 18 दिन रहे अस्पताल में फिर जुटे सेवा में 

पूर्ण लॉकडाउन के समय से ही अपने वार्ड में लगातार कोविड टेस्ट कैंप लगवाने में आगे रहे वार्ड 99 के पार्षद अभिनव जैन लोगों की सेवा करते हुए खुद इस बीमारी से अक्तूबर माह में संक्रमित हो गए। बीमार पड़ने से पूर्व अभिनव जैन अपने वार्ड में 20 बार से अधिक एंटीजन टेस्ट कैंप लगवा चुके थे। 

इसके साथ ही अभिनव ने लगातार संपूर्ण लॉकडाउन में सड़क चलते मजदूरों के साथ ही स्थानीय मजदूरों के लिए वैभवखंड में लंगर लगाया हुआ था। अभिनव जैन बताते हैं कि वह लगातार कैंप लगवाते हुए और पब्लिक संपर्क में रहते हुए बीमार हुए और 11 अक्तूबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। 

इसके बाद वह एक प्राइवेट अस्पताल में 28 अक्तूबर तक एडमिट रहे। इसमें वह एक सप्ताह तक आईसीयू में भी रहे। अभिनव जैन स्वस्थ होकर लौटे तो एक बार फिर से उन्होंने टेस्ट कैंप लगवाना शुरू कर दिया। अस्पताल से लौटने के बाद भी अभिनव अब तक सात कैंप लगवा चुके हैं।

जनसंपर्क में रहते हुए हुईं संक्रमित लेकिन नहीं छोड़ा सेवा कार्य 
पूर्ण लॉकडाउन में जब लोग अपने घरों में कैद थे, उस दौरान वैशाली निवासी व पार्षद आशा भाटी लगातार सड़कों पर उतरती थीं। वसुंधरा और वैशाली की झुग्गियों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के बीच राशन वितरण से लेकर उन्हें जागरूक करने तक का काम कर रही थीं। लोगों के संपर्क में आने से आशा अगस्त में संक्रमित हो गईं। 

वह करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में रहीं। हालांकि इस दौरान आशा के पति नरेश भाटी भी संक्रमित हो गए और वह भी अस्पताल में एडमिट हुए। उपचार के बाद दोनों जब ठीक होकर लौटे, उसके बाद और तेज गति से अपने सेवा कार्य की मुहिम शुरू कर दी। आशा भाटी कहती हैं कि जब इंसान किसी दुख को खुद ही झेलता है तो दूसरे के दुख का अहसास भी अपने जैसा ही होता है। 

ऐसे में ठीक होकर लौटने के बाद से ही उन्होंने कोविड से जागरूकता मुहिम को तेज कर दिया। अपने वार्ड 74 में वह प्रति सप्ताह तीन दिन अलग-अलग जगहों पर एंटीजन टेस्ट कैंप लगवाती हैं। टेस्ट कैंप के साथ ही निशुल्क दवाई वितरण एवं जरूरतमंद लोगों की मदद वह लगातार कर रही हैं। आशा कहती हैं कि जब आप खुद की मदद करते हैं तो ईश्वर भी आपकी मदद करता है। यह बात उन्होंने इस वर्ष बखूबी जाना।

 
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पूरे टीएचए में लगाए 50 से अधिक कैंप

कोविड-19 के संक्रमण की विपरीत स्थिति में भी समाज की रीढ़ की हड्डी बनकर खड़े रहने वालों में वसुंधरा आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष कैलाश शर्मा भी शामिल हैं। कैलाश शर्मा ने न केवल इस बीमारी से अपनी सोसायटी के लोगों को जागरूक व सुरक्षित रखा बल्कि पूरे टीएचए को जागरूक करने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठाई। 

ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन के तहत एंटीजन टेस्ट कैंप लगाने की मुहिम कैलाश शर्मा ने शुरू की जो निरंतर चल रही है। यह कैंप न केवल वसुंधरा बल्कि मोहननगर, साहिबाबाद, इंदिरापुरम और वैशाली की अलग-अलग सोसायटी में लगाते रहे। पिछले सात माह में अब तक कैलाश शर्मा ने अपने फेडरेशन और जिला मलेरिया विभाग के सहयोग से 50 से अधिक जगहों पर एंटीजन टेस्ट कैंप लगवाए हैं। 

इस बीच न केवल कैंप लगवाना बल्कि जो लोग इस बीमारी से पीड़ित हुए उनकी काउंसलिंग करना और स्वस्थ होकर लौटने पर उनके उत्साहवर्धन के लिए सम्मान समारोह भी लगातार आयोजित करते हैं। कैलाश शर्मा का कहना है कि अब यह मुहिम तब तक चलती रहेगी जब तक कि कोविड पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।
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