वर्ष 2020 यूं तो लगभग हर किसी को जिंदगी की कुछ न कुछ ऐसी कड़वी यादें देकर गया है, जिसे लोग कभी भुला नहीं सकते। मगर ये साल इंसानियत की परीक्षा के रूप में भी अहम रहा है। विश्व स्तर पर फैली बीमारी ने न जाने कितने लोगों का घर और नौकरी छीन ली।
ऐसे में इंसानियत का ही एक ऐसा रिश्ता था जिसकी ओर लोग आशा भरी निगाहों से देख रहे थे और लोगों ने इस परीक्षा को न सिर्फ पास किया बल्कि अव्वल भी रहे। जब लोग घरों से निकलने तो क्या अपनों से मिलने को भी तैयार नहीं थे, ऐसे में हमारे समाज में कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने खुद की परवाह किए बगैर लोगों की सहायता की जिम्मेदारी निभाई। हम यहां गाजियाबाद के ही ऐसे लोगों से आपको परिचित करा रहे हैं, जो समाजसेवा करते हुए न सिर्फ कोरोना संक्रमित हुए बल्कि स्वस्थ होते ही फिर समाजसेवा में जुट गए।
पूरा परिवार हुआ संक्रमित, ठीक हुए तो छह बार डोनेट कर चुके हैं प्लाज्मा एंजेल मरक्यूरी सोसायटी के निवासी व एओए के सचिव अवनीश झा कोविड के पहले दौर में ही कोरोना से संक्रमित हो गए थे। यही नहीं अवनीश के साथ ही उनका पूरा परिवार इस बीमारी से संक्रमित हो गया।
परिवार में उनके साथ उनकी दादी, पापा, मम्मी, पत्नी और यहां तक कि उनके दोनों बच्चे भी बीमारी से संक्रमित हो गए। अवनीश बताते हैं कि वह घर पर ही आईसोलेट हुए लेकिन उनकी दादी जो कि 90 वर्षीय हैं, एक माह तक आईसीयू में भर्ती रही थीं।
कोरोना से ठीक होने के बाद ही अवनीश ने अपनी सोसायटी में जागरूकता मुहिम चलाई। लगातार लोगों को ऑनलाइन और फोन पर इस बीमारी के प्रति जागरूक करते और पीड़ित लोगों से लगातार संपर्क में रहकर उन्हें सकारात्मक करते रहते। अवनीश न केवल जागरूकता अभियान चला रहे हैं बल्कि अब तक छह बार अपना प्लाज्मा दान कर चुके हैं।
वह अपने इस अहम कार्य से न केवल अपनी सोसायटी बल्कि अहिंसाखंड और इंदिरापुरम में अपनी पहचान बना चुके हैं। अवनीश का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। दिसंबर में ही उन्होंने दो दिन प्लाज्मा डोनेट किया। छह दिसंबर के बाद 28 दिसंबर को भी अवनीश ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया है।